Politics Heats up in Bihar : जेडीयू की पहली लिस्ट से एनडीए में टेंशन, चिराग पासवान के दावों पर सीधा वार
News India Live, Digital Desk: Politics Heats up in Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है! सीटों के बंटवारे को लेकर जारी गहमागहमी के बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपने 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में सबसे बड़ी बात यह है कि जेडीयू ने पांच ऐसी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं, जिन पर चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) भी मजबूती से अपना दावा ठोक रही थी. जेडीयू के इस कदम से एनडीए गठबंधन के भीतर तनाव और बढ़ने की आशंका है और 'बिहार चुनाव' में आगे क्या होगा, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं.
जेडीयू की पहली लिस्ट और चिराग पासवान के 'अधिकार क्षेत्र' पर सीधा वार:
बुधवार, 15 अक्टूबर को जारी हुई इस पहली सूची में जेडीयू ने कई महत्वपूर्ण नाम शामिल किए हैं, जिसमें पांच मौजूदा मंत्री भी अपनी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. विजय चौधरी (सरायरंजन), श्रवण कुमार (नालंदा), सुनील कुमार (भोरे), कौशल किशोर (राजगीर), और महेश्वर हजारी (कल्याणपुर) जैसे दिग्गज एक बार फिर से अपनी सीटों पर मैदान में उतरेंगे.
लेकिन जिस बात से एनडीए में 'खेला' होने की संभावना बढ़ गई है, वह है चिराग पासवान के दावे वाली सीटों पर जेडीयू का अपना उम्मीदवार उतारना. इन पांच सीटों में सोनबरसा, मोरवा, एकमा, और राजगीर प्रमुख हैं. सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू ने चिराग पासवान के गृह क्षेत्र अलौली पर भी अपने उम्मीदवार का एलान कर दिया है. चिराग पासवान लगातार 36 से 40 सीटों की मांग कर रहे हैं, जिनमें महनार (जो अभी जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की सीट है) और मटिहानी (जो 2020 में एलजेपी ने जीती थी, लेकिन बाद में विधायक जेडीयू में शामिल हो गए) जैसी सीटें भी शामिल हैं. जेडीयू द्वारा इन 'विवादित सीटों पर कैंडिडेट' उतारना साफ दर्शाता है कि नीतीश कुमार की पार्टी एनडीए में अपना प्रभाव कम होने देने को तैयार नहीं है. यह 'जेडीयू-एलजेपी (राम विलास) सीट विवाद' अब खुलकर सामने आ गया है.
एनडीए के अंदरुनी समीकरणों में उठापटक:
इस पहली सूची के जारी होने से एनडीए में 'सीट बंटवारे को लेकर घमासान' और तेज हो गया है. पहले खबर आई थी कि बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, और चिराग पासवान की पार्टी को 29 सीटें मिलेंगी, जबकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को 6-6 सीटें दी जाएंगी. लेकिन, जेडीयू की यह लिस्ट इन समझौतों पर सवाल खड़ा करती दिख रही है. यह दर्शाता है कि 'बिहार एनडीए गठबंधन' के भीतर वर्चस्व की लड़ाई जारी है.
खुद जेडीयू के भीतर भी टिकट वितरण को लेकर नाराजगी दिख रही है. कुछ नेताओं ने तो पार्टी की आधिकारिक सूची आने से पहले ही नामांकन दाखिल कर दिया था, और एक सांसद ने तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात न हो पाने की शिकायत करते हुए इस्तीफे तक की पेशकश कर दी. इससे लगता है कि 'बिहार में जेडीयू के आंतरिक विवाद' अभी शांत नहीं हुए हैं. कई जेडीयू नेताओं को यह बात भी रास नहीं आ रही कि बीजेपी अब गठबंधन में बराबरी की स्थिति में आ गई है, जबकि पहले जेडीयू 'बड़े भाई' की भूमिका में थी.
कुल मिलाकर, 'बिहार विधानसभा चुनाव 2025' में एनडीए की राह आसान नहीं दिख रही है. जेडीयू की यह पहली लिस्ट 'नीतीश-चिराग सीटों पर तनाव' को बढ़ा सकती है और आगामी चुनावों से पहले गठबंधन में बड़ी सियासी उठापटक का कारण बन सकती है.