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March 31 2026 10:21 am

केरल में सियासी बवाल चुनाव आयोग के लेटर पर BJP की मुहर, मचा हड़कंप एक्शन में चुनाव अधिकारी

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News India Live, Digital Desk: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर लगी होने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे 'लोकतंत्र का अपमान' करार दिया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारी पर तत्काल गाज गिरा दी है।

आखिर कैसे हुआ यह बड़ा 'ब्लंडर'?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय से राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास के प्रकटीकरण से संबंधित 2019 के दिशा-निर्देशों की प्रतियां वितरित की गईं। हैरानी की बात यह रही कि इन आधिकारिक कागजों पर चुनाव आयोग की जगह भाजपा की केरल इकाई की मुहर लगी हुई थी। जैसे ही यह दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, कांग्रेस और माकपा (CPI-M) सहित तमाम विपक्षी दलों ने सरकार और आयोग को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया।

चुनाव आयोग की सफाई और बड़ी कार्रवाई

विवाद बढ़ता देख केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने इसे एक 'लिपिकीय त्रुटि' (Clerical Error) बताया। आयोग के मुताबिक, भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने 2019 के दिशा-निर्देशों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए आयोग से संपर्क किया था और उन्होंने अपनी ओर से दस्तावेज की एक फोटोकॉपी जमा की थी, जिस पर उनकी पार्टी की मुहर लगी थी। आयोग के कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने अनजाने में उसी फोटोकॉपी को स्कैन करके अन्य दलों को भी भेज दिया। इस बड़ी लापरवाही के लिए आयोग ने 'असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर' को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ममता बनर्जी और पिनाराई विजयन ने साधा निशाना

इस मामले ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि "बिल्ली अब थैले से बाहर आ गई है, इससे साफ पता चलता है कि आयोग को पीछे से कौन चला रहा है।" वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी दल की मुहर वाले दस्तावेज जारी करना केवल एक मानवीय भूल नहीं हो सकती, यह आयोग की विश्वसनीयता पर गहरा दाग है।

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

इस बीच, केरल पुलिस की साइबर विंग भी सक्रिय हो गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी कर इस विवादित दस्तावेज से जुड़े पोस्ट हटाने को कहा है। पुलिस का तर्क है कि इस तरह के पोस्ट से चुनाव आयोग की छवि धूमिल हो रही है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था व सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है। अब तक लगभग 60 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल को इस संबंध में नोटिस जारी किए जा चुके हैं।