Political Storm in Telangana : बीआरएस परिवार में दरार से कविता का बदला लेने का ऐलान
News India Live, Digital Desk: Political Storm in Telangana : तेलंगाना में विधानसभा चुनावों के बाद भारत राष्ट्र समिति (BRS) और खास तौर पर उसके संस्थापक परिवार के बीच राजनीतिक ड्रामा अपने चरम पर है. हाल ही में बीआरएस सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी, के. कविता ने एक चौंकाने वाला ऐलान किया है, जिससे लगता है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. उन्होंने उन लोगों को 'बख्शने' का वादा किया है, जिन्होंने उन्हें उनके परिवार से दूर किया. कविता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनावों के बाद से पार्टी के भीतर उथल-पुथल मची हुई है, और यह कहीं न कहीं पार्टी के भविष्य और उसकी एकता पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है.
कविता का यह बयान क्या दर्शाता है?
तेलंगाना में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें बीआरएस को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस सत्ता में आई. चुनाव में हार के बाद से ही बीआरएस के भीतर तनाव बढ़ गया था. इसी बीच, दिल्ली शराब घोटाला मामले में के. कविता का नाम आने के बाद उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया था. कई महीनों तक जेल में रहने के बाद हाल ही में उन्हें ज़मानत मिली है.
उनकी ज़मानत के बाद उन्होंने अपने पिता केसीआर और भाई के. टी. रामा राव (KTR) से मुलाक़ात की, जहाँ उनकी माँ ने उनसे मिलने के बाद भावनाओं पर काबू नहीं पा सकीं. इस भावुक मुलाक़ात के बाद कविता ने पत्रकारों से कहा, "जिन लोगों ने मुझे परिवार से दूर किया है, मैं उन्हें नहीं बख्शूंगी, भले ही यह राजनीतिक साजिश के पीछे छिपी सच्चाई हो या कानूनी खामियां हों." उनका यह बयान कई चीज़ों की तरफ इशारा करता है:
- राजनीतिक साज़िश: कविता का यह आरोप हो सकता है कि उन्हें जानबूझकर दिल्ली शराब घोटाला मामले में फँसाया गया, ताकि राजनीतिक तौर पर उन्हें कमज़ोर किया जा सके. यह पार्टी के अंदर या बाहर के किसी भी प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ़ उनकी नई लड़ाई का संकेत हो सकता है.
- परिवार से दूरी: यह बयान उस दर्द को भी दर्शाता है कि कैसे उन्हें लंबे समय तक जेल में रहने के कारण अपने परिवार से दूर रहना पड़ा. उनका "बख्शने" का वादा इस पीड़ा का राजनीतिक प्रतिशोध हो सकता है.
- बीआरएस में फूट के संकेत: यदि उनका यह इशारा पार्टी के भीतर के कुछ नेताओं की तरफ है, तो यह बीआरएस के अंदरूनी कलह और गुटबाज़ी को दर्शाता है, जो चुनाव हारने के बाद और भी गहरी हो सकती है.
आगे क्या हो सकता है?
कविता की ज़मानत और यह बयान, बीआरएस की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है. ऐसा हो सकता है कि आने वाले समय में:
- वह पार्टी के भीतर अपनी भूमिका को फिर से मज़बूत करने की कोशिश करेंगी.
- वह उन लोगों के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अपना सकती हैं, जिन्हें वह अपनी गिरफ्तारी और परिवार से दूरी का ज़िम्मेदार मानती हैं.
- इससे बीआरएस के भीतर नए समीकरण बन सकते हैं, और पार्टी को फिर से एकजुट होने या संभावित टूट का सामना करना पड़ सकता है.
तेलंगाना की राजनीति हमेशा से दिलचस्प रही है, और बीआरएस के अंदर के. कविता का यह 'बदला लेने का ऐलान' इसे और भी रोमांचक बना देगा. आने वाले समय में देखना होगा कि इस ऐलान के क्या मायने निकलते हैं और तेलंगाना की राजनीति किस करवट बैठती है.