Political Controversy Rajasthan : सांसद को सोनम वांगचुक से मिलने की नहीं मिली इजाज़त, क्या सरकार किसी सच को छुपा रही है?

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News India Live, Digital Desk:  Political Controversy Rajasthan :  सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं से जुड़े मामलों में अक्सर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं, ख़ासकर जब उन्हें किसी से मिलने की इजाज़त न दी जाए. ऐसा ही एक मामला लद्दाख के मशहूर पर्यावरणविद् और इनोवेटर सोनम वांगचुक को लेकर सामने आया है. आपने 'थ्री इडियट्स' फिल्म के 'फुनसुख वांगडू' का नाम तो सुना होगा? यह किरदार सोनम वांगचुक से ही प्रेरित है.

अभी ख़बर आई है कि बीजेपी सांसद (MP) और मशहूर उद्योगपति राजसमंद दीया कुमारी को जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई! यह खबर सुनकर कई लोगों को थोड़ी हैरानी हुई होगी, क्योंकि आमतौर पर सांसद को कुछ हद तक ऐसी मुलाक़ातों की छूट मिलती है, बशर्ते सुरक्षा संबंधी कोई बड़ा मसला न हो.

सोनम वांगचुक आजकल अपने 'क्लाइमेट फ़ास्ट' (Climate Fast) को लेकर चर्चा में हैं, जहाँ वे लद्दाख को विशेष संवैधानिक दर्जा (6th Schedule) देने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए लंबे समय से आवाज़ उठा रहे हैं. इसी से जुड़ी एक पुरानी घटना पर ये ख़बर आधारित हो सकती है, जब उन्हें किसी वजह से हिरासत में रखा गया होगा या उन्हें मिलने नहीं दिया गया होगा.

किसी जनप्रतिनिधि, ख़ासकर एक सांसद, को एक ऐसे व्यक्ति से मिलने से रोकना जो सार्वजनिक तौर पर अपनी आवाज़ उठा रहा है, कई सवाल खड़े करता है:

  • क्या पारदर्शिता की कमी है? ऐसे फैसलों से प्रशासन पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ सकते हैं.
  • किसके निर्देश पर रोका गया? यह भी एक बड़ा सवाल है कि यह फैसला स्थानीय प्रशासन ने लिया, या किसी उच्च स्तर से निर्देश आए.
  • मतभेदों को दबाने की कोशिश? कुछ लोग इसे सरकार की उन लोगों को रोकने की कोशिश भी मान सकते हैं जो सरकार की नीतियों से असहमत हैं.

फिलहाल, इस तरह के फैसलों पर चर्चा होती रहेगी. उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही कोई स्पष्टीकरण आएगा और जनता को सच्चाई जानने का हक मिलेगा.