रांची में मासूमों की नीलामी से ठीक पहले पहुँची पुलिस, रूह कंपा देने वाले मानव तस्करी रैकेट का हुआ पर्दाफाश

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में पुलिस ने इंसानियत को शर्मसार करने वाले एक ऐसे ही गिरोह (Child Trafficking Gang) का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह गरीब और आदिवासी बच्चों को बहला-फुसलाकर, अच्छी नौकरी और पढ़ाई का लालच देकर दूसरे राज्यों में बेचने जा रहा था।

कैसे हुआ ऑपरेशन?
पुलिस को मुखबिरों से एक गुप्त सूचना मिली थी। खबर थी कि तस्करों का एक ग्रुप कुछ बच्चों को लेकर बस और ट्रेन के ज़रिए दिल्ली और अन्य महानगरों की तरफ निकलने वाला है।
रांची के SSP के निर्देश पर पुलिस टीम ने, जिसमें 'बचपन बचाओ आंदोलन' और 'CWC' की टीम भी शामिल थी, तुरंत जाल बिछाया। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सघन तलाशी शुरू हुई।

बच गईं मासूम जिंदगियां
पुलिस की तत्परता काम आई। अलग-अलग जगहों (खासकर हटिया स्टेशन और खादगढ़ा बस स्टैंड) से करीब दर्जन भर (कई) बच्चों को रेस्क्यू (Rescue) किया गया। इन बच्चों की आंखों में डर और भ्रम साफ देखा जा सकता था। ये बच्चे झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों से लाए गए थे।

दलाल भी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से उन दलालों (तस्करों) को भी गिरफ्तार कर लिया है जो इन बच्चों को ले जा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में घरेलू काम और फैक्ट्री में मजदूरी के लिए इन बच्चों की बहुत मांग होती है और उन्हें मोटे पैसे मिलते हैं।

अब इन बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में सुरक्षित रखा गया है और उन्हें उनके माता-पिता तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रांची पुलिस का यह काम वाकई सराहनीय है। हमें भी सतर्क रहना होगा— अगर आप आस-पास किसी बच्चे को संदिग्ध हालत में देखें, तो पुलिस को सूचना जरूर दें। एक फ़ोन कॉल किसी का जीवन बचा सकता है।