झारखंड की किस्मत बदलने आ रहा है टाटा का नया मेगा-प्रोजेक्ट 11,000 करोड़ के निवेश ने उड़ा दी सबकी नींद

Post

News India Live, Digital Desk : झारखंड और टाटा ग्रुप का रिश्ता आज का नहीं है, यह तो बरसों पुराना है। जब भी हम जमशेदपुर या स्टील सिटी की बात करते हैं, तो ज़हन में सबसे पहला नाम टाटा का ही आता है। लेकिन अब खबर है कि ये रिश्ता और भी मजबूत होने वाला है। टाटा स्टील ने झारखंड के विकास के लिए अपनी तिजोरी का दरवाजा एक बार फिर खोल दिया है और इस बार आंकड़ा छोटा-मोटा नहीं बल्कि पूरे 11,000 करोड़ रुपये का है।

अक्सर हम खबरों में बड़े-बड़े निवेश की बातें पढ़ते हैं, लेकिन यह वाला थोड़ा अलग है। यहाँ बात केवल पैसा लगाने की नहीं, बल्कि 'सोच' बदलने की है। टाटा अब झारखंड में 'ग्रीन स्टील' (Green Steel) बनाने की तैयारी में है।

क्या है ये 'ग्रीन स्टील' का चक्कर?
साधारण भाषा में समझें तो स्टील बनाने में बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है, खासकर कोयले का जो इस्तेमाल होता है वो पर्यावरण के लिए चुनौती है। लेकिन अब टाटा ऐसी तकनीक ला रहा है जिससे लोहा तो मज़बूत बनेगा ही, पर प्रकृति को होने वाला नुकसान कम से कम होगा। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक साफ़-सुथरा झारखंड बनाने की दिशा में इसे एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसका आम लोगों को क्या फायदा होगा?

  1. नौकरियों के नए मौके: जहाँ 11 हज़ार करोड़ का प्रोजेक्ट लगेगा, वहां हज़ारों हाथों को काम मिलेगा। न केवल कंपनी में, बल्कि इसके आसपास छोटे-बड़े और भी कई रोज़गार पनपेंगे।
  2. इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: टाटा के इस बड़े निवेश से स्थानीय इलाकों की सड़कें, बिजली और सुविधाएँ भी अपग्रेड होंगी।
  3. झारखंड की पहचान: इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर पूरी दुनिया की नज़रें झारखंड पर होंगी, क्योंकि यहाँ 'भविष्य का स्टील' बन रहा होगा।

एक भरोसा और एक नई उम्मीद
टाटा समूह पर लोगों का भरोसा ही कुछ ऐसा है कि इस घोषणा के बाद से ही राज्य के व्यापारियों और युवाओं में एक नया जोश दिख रहा है। यह निवेश ऐसे समय में आ रहा है जब राज्य को औद्योगिक तौर पर नई रफ्तार की ज़रूरत है।

झारखंड की इस मिट्टी ने दुनिया को सोना और कोयला तो दिया ही, पर अब ये मिट्टी दुनिया को पर्यावरण बचाने वाला स्टील भी देगी। 11000 करोड़ का यह निवेश केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन हज़ारों युवाओं के सपनों की उड़ान है जो अपने ही राज्य में काम करना चाहते हैं।