दिल्ली की हवा में फिर घुला जहर, सांस लेना मुश्किल! क्या अब आसमान से बरसने वाली 'नकली' बारिश ही बचाएगी?
Delhi air quality today : अगर आज सुबह उठने पर आपको गले में खराश या आंखों में जलन महसूस हो रही है, तो आप अकेले नहीं हैं। दिल्ली की हवा लगातार पांचवें दिन भी 'बहुत खराब' बनी हुई है। हालांकि, चलती हवाओं की वजह से कल के मुकाबले आज थोड़ी राहत है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
हालात कितने गंभीर हैं?
शहर का शायद ही कोई कोना हो, जहां हवा साफ हो। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के आनंद विहार में तो स्थिति सबसे ज़्यादा चिंताजनक है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 403 पर पहुंच गया है। इस लेवल को 'गंभीर' माना जाता है, यानी यहां की हवा में सांस लेना आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। वहीं, ITO जैसे इलाकों में भी AQI 316 के पार है, जो 'बहुत खराब' कैटेगरी में आता है।
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक आसमान में धुंध छाई रहेगी और हवा की क्वालिटी में कोई खास सुधार होने की उम्मीद नहीं है।
क्या है उम्मीद की किरण?
इस दम घोंटने वाले प्रदूषण के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली सरकार अब प्रदूषण को कम करने के लिए एक बिल्कुल नई तकनीक का सहारा लेने की तैयारी में है, जिसका नाम है- 'आर्टिफिशियल बारिश' (Artificial Rain) या 'क्लाउड सीडिंग'।
क्या है यह आर्टिफिशियल बारिश?
यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें हवाई जहाज की मदद से बादलों के ऊपर सिल्वर आयोडाइड जैसे कुछ केमिकल का छिड़काव किया जाता है। इससे बादल भारी होकर बरसने लगते हैं। इस बारिश से हवा में तैर रहे धूल और प्रदूषण के कण पानी के साथ घुलकर जमीन पर आ जाते हैं, जिससे आसमान बिल्कुल साफ हो जाता है।
दिल्ली सरकार ने IIT-कानपुर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट का सफल ट्रायल भी कर लिया है। बताया जा रहा है कि अगर 29 अक्टूबर के आसपास मौसम की परिस्थितियां (जैसे आसमान में बादल और हवा में नमी) अनुकूल रहती हैं, तो दिल्ली में पहली बार इस तकनीक से बारिश कराई जा सकती है।
अगर यह प्रयोग कामयाब होता है, तो यह दिल्ली को हर साल होने वाले प्रदूषण और धुंध से बचाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है। फिलहाल, दिल्लीवालों को इस ज़हरीली हवा से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।