BREAKING:
April 18 2026 09:45 pm

सरदार पटेल ने कैसे किया था 562 रियासतों का विलय? पीएम मोदी ने आज फिर याद दिलाई वो कहानी

Post

News India Live, Digital Desk : आज का दिन भारत के इतिहास में एक बहुत ही खास दिन है। आज राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) है, यानी भारत के 'लौह पुरुष', सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का दिन। यह वही महान शख्सियत हैं, जिन्होंने आजादी के बाद बिखरी पड़ी 562 से ज्यादा रियासतों को एक करके आज के मजबूत और अखंड भारत का निर्माण किया था।

इस बेहद खास मौके पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पहले नमन, फिर दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह-सुबह सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची विशाल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद, उन्होंने वहां मौजूद हजारों लोगों और पूरे देश को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित करेंगे।

शपथ के बोल थे:"मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूं।"

"सरदार पटेल न होते तो..."

इस मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, "आज अगर हम कश्मीर से कन्याकुमारी तक बिना किसी रोक-टोक के जा सकते हैं, तो यह सरदार साहब की ही देन है। उन्होंने अपनी सूझबूझ और दृढ़ इच्छाशक्ति से बिखरे हुए भारत को एक माला में पिरोने का वह काम किया, जो लगभग असंभव लगता था।"

उन्होंने देश के युवाओं से सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने और 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) की भावना को हमेशा सर्वोपरि रखने की अपील की।

क्या है राष्ट्रीय एकता दिवस?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2014 में यह फैसला किया था कि सरदार पटेल की जयंती, यानी 31 अक्टूबर को हर साल 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इसका मकसद देश की युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के योगदानों से अवगत कराना और देश में एकता की भावना को और मजबूत करना है। आज इसी कड़ी में देशभर में 'रन फॉर यूनिटी' जैसी कई दौड़ और अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लाखों लोग हिस्सा ले रहे हैं।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसकी 'विविधता में एकता' ही है, और इस एकता को बनाए रखना हम सभी 140 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी है।