PM Modi in Mizoram : जब 78 साल बाद मिजोरम में पहली बार पहुंची ट्रेन, पीएम मोदी ने बताया क्यों हुई इतनी देर

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News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम को 9,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने लंबे समय तक पूर्वोत्तर की अनदेखी की, क्योंकि वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते थे उन्होंने कहा, “उनका ध्यान हमेशा उन जगहों पर रहा जहां ज्यादा वोट और सीटें होती थीं. इसी रवैये के कारण मिजोरम जैसे राज्यों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.”

मिजोरम में पहली बार रेल लाइन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के लिए जो पहले हाशिये पर थे, वे अब मुख्यधारा में हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज पूर्वोत्तर भारत का विकास इंजन बन रहा है.

78 साल का इंतजार खत्म, रेल के नक्शे पर आया आइजोल

यह मिजोरम के लिए एक ऐतिहासिक दिन था, क्योंकि राजधानी आइजोल आजादी के 78 साल बाद देश के बाकी हिस्सों से सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ गई.पीएम मोदी ने बैराबी-सैरांग रेल लाइन का उद्घाटन किया और दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई.उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि बदलाव की जीवनरेखा है जो यहां के लोगों के जीवन में क्रांति लाएगी.

इस नई कनेक्टिविटी से मिजोरम के किसानों और व्यापारियों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिससे यहां रोजगार और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे.

'एक्ट ईस्ट' नीति का अहम हिस्सा है मिजोरम

पीएम मोदी ने कहा कि मिजोरम भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने बताया कि कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और नई रेलवे लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी.उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों से उनकी सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रही है और पहले के मुकाबले रेलवे का बजट पांच गुना बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सरकार पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बता रही है.