अकेले घूमने का प्लान है? भारत के ये 8 ट्रेन सफर आपको खुद से प्यार करना सिखा देंगे
News India Live, Digital Desk: चलिए एक सच बात करते हैं। हम में से कितनों ने 'जब वी मेट' की गीत को देखकर अकेले ट्रेन पकड़ने का सपना देखा है? लेकिन जैसे ही हकीकत सामने आती है, घरवालों की चिंता और मन में "सेफ्टी" का डर हमारे प्लान पर पानी फेर देता है।
लेकिन विश्वास मानिए, भारत बदल रहा है और यहाँ कुछ ऐसे ट्रेन रूट्स हैं जो सोलो फीमेल ट्रैवलर्स (अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं) के लिए न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि इतने खूबसूरत हैं कि आप अपनी पलकें झपकाना भूल जाएंगी। ट्रेन का सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाना नहीं है, यह तो चाय की चुस्कियों के साथ विंडो सीट से दुनिया को देखने का और खुद से बातें करने का एक बहाना है।
आइए, जानते हैं उन रास्तों के बारे में जहाँ आपको एक बार तो जरूर जाना चाहिए:
1. कालका-शिमला टॉय ट्रेन: बचपन जैसी खुशी
हिमाचल की वादियों में छुक-छुक करती यह छोटी सी टॉय ट्रेन आपको एक अलग दुनिया में ले जाएगी। इसकी स्पीड इतनी धीमी होती है कि आप हवा को महसूस कर सकती हैं। यह रूट टूरिस्टों से भरा रहता है, इसलिए सुरक्षा की कोई टेंशन नहीं। बस विंडो सीट लीजिए और देवदार के पेड़ों को गिनते हुए सफर का मजा लीजिए।
2. कोंकण रेलवे (मुंबई से गोवा): हरियाली का जादुई रास्ता
अगर आपको बारिश और हरियाली पसंद है, तो मुंबई से गोवा वाली ट्रेन (जैसे मांडवी एक्सप्रेस) बेस्ट है। रास्ते में सैकड़ों सुरंगे, झरने और पहाड़ आते हैं। यह सफर इतना रोमांचक है कि आपको अकेलेपन का एहसास ही नहीं होगा।
3. नीलगिरी माउंटेन रेलवे (ऊटी): बादलों के बीच सफर
दक्षिण भारत हमेशा से महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। नीलगिरी की नीली ट्रेन में बैठकर बादलों को छूने का अनुभव ही कुछ और है। "छैयां-छैयां" वाला यह रूट आपको पुरानी यादों में ले जाएगा।
4. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे: चाय के बागानों की सैर
पश्चिम बंगाल की यह धरोहर, चाय के बागानों के बीच से गुजरती है। अगर आप 'स्लो ट्रैवल' और सुकून पसंद करती हैं, तो यहाँ का प्लान जरूर बनाएं। कंचनजंगा का नजारा और स्थानीय लोगों का मिलनसार स्वभाव आपको बहुत सेफ महसूस कराएगा।
5. पैलेस ऑन व्हील्स (राजस्थान): रजवाड़ों सा ठाठ
अगर बजट की कोई दिक्कत नहीं है, तो राजस्थान की शाही ट्रेनों का अनुभव करें। यहाँ सुरक्षा का स्तर बहुत ऊंचा है और आप बिल्कुल रानी जैसा महसूस करेंगी। जयपुर, उदयपुर और रेगिस्तान के नजारे आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे।
6. कन्याकुमारी एक्सप्रेस (आइलैंड एक्सप्रेस): भगवान का अपना बगीचा
केरल से कन्याकुमारी तक का सफर, जिसमें आप नारियल के पेड़ों और बैकवाटर्स के किनारे-किनारे चलते हैं। यह रास्ता इतना शांत और प्यारा है कि मन की सारी उथल-पुथल शांत हो जाती है।
छोटी मगर मोटी सलाह (Sisterly Advice):
इन रास्तों पर निकलने से पहले थोड़ा स्मार्ट बनें। हमेशा अपर बर्थ (Upper berth) बुक करें ताकि आपको प्राइवेसी मिले। अपने फोन में लाइव लोकेशन दोस्तों के साथ शेयर रखें और अपने 'गट्स' (Gut feeling) पर भरोसा करें।
तो सहेली, डर को घर पर छोड़िए और टिकट बुक कर लीजिए। दुनिया बहुत खूबसूरत है, और यह आपके स्वागत के लिए तैयार है!