पुरानी कब्ज़ का अचूक उपाय, त्रिफला चूर्ण दूध के साथ क्यों है पाचन के लिए वरदान

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News India Live, Digital Desk : खराब लाइफस्टाइल (जीवनशैली) और उल्टा-सीधा खान-पान आजकल हर दूसरे इंसान के पेट को खराब कर रहा है. कब्ज़, गैस, पेट फूलना (Bloating) और अपच—ये समस्याएं बहुत आम हो गई हैं. लेकिन भारतीय आयुर्वेद में सदियों पुराना एक ऐसा 'चूर्ण' है, जो आपके पेट की लगभग हर समस्या का समाधान कर सकता है, और उसका नाम है 'त्रिफला' (Triphala).अगर आप त्रिफला को पानी के साथ लेते आ रहे हैं, तो अब आपको दूध के साथ त्रिफला चूर्ण लेने के चमत्कारी फायदे जान लेने चाहिए.

त्रिफला: क्या और क्यों है ये इतना खास?

त्रिफला दो शब्दों से मिलकर बना है - 'त्रि' मतलब तीन और 'फला' मतलब फल. यह चूर्ण तीन शक्तिशाली आयुर्वेदिक फलों, आँवला (Amalaki), बहेड़ा (Bibhitaki), और हरड़ (Haritaki) के बीजों को सुखाकर, पीसकर एक साथ बनाया जाता है.यह न सिर्फ़ आपके पाचन तंत्र (Digestive System) के लिए 'सफाईकर्मी' की तरह काम करता है, बल्कि इसमें विटामिन सी (Vitamin C), एंटीऑक्सीडेंट्स और कई ज़रूरी खनिज भी होते हैं. यह आपको डिटॉक्स करने में भी मदद करता है.

दूध के साथ त्रिफला: क्यों है ये सही तरीका?

अक्सर लोग त्रिफला को गरम पानी या शहद के साथ लेने की सलाह देते हैं, जो बहुत ज़्यादा 'तेज़' असर करता है. वहीं त्रिफला चूर्ण दूध के साथ लेने का तरीका ज़्यादा कोमल और संतुलित माना जाता है. खासकर अगर आपकी पित्त प्रकृति है या आपका पेट बहुत संवेदनशील (Sensitive) है.

  1. ताकत और ऊर्जा के लिए: अगर आप सिर्फ़ पानी के साथ त्रिफला लेते हैं, तो यह तेज़ी से शरीर को शुद्ध करता है, लेकिन कई बार थकावट भी महसूस हो सकती है. वहीं दूध में प्रोटीन और कैल्शियम होते हैं. यह दूध और त्रिफला का कॉम्बिनेशन आपके शरीर को पोषण भी देता है और ताकत (Energy) भी बढ़ाता है.
  2. एसिडिटी में राहत (Acidity Relief): मेैंटी (Mighty) आयुर्वेदिक डॉक्टर मानते हैं कि दूध पित्त (Acid) को शांत करने में मदद करता है, और त्रिफला पेट की गैस और एसिडिटी की समस्या को जड़ से कम करने का काम करता है. इससे आपका हाजमा बिलकुल सही हो जाता है.

कैसे करें सेवन? (Dosage)

  • ध्यान रखें, यह एक प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है, इसलिए इसका उपयोग लंबे समय तक किसी वैद्य की सलाह से ही करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के त्रिफला चूर्ण के आयुर्वेदिक लाभ नहीं लेने चाहिए.