संसद में तूफान से पहले की शांति गांधी परिवार पर FIR और बंगाल के SIR पर मचेगा घमासान?

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News India Live, Digital Desk: तैयार हो जाइए, क्योंकि दिल्ली में मौसम भले ही ठंडा हो रहा हो, लेकिन Parliament (संसद) का माहौल एकदम गर्म होने वाला है। इस बार का शीतकालीन सत्र (Winter Session) सिर्फ बहसबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसा लग रहा है कि आर-पार की लड़ाई होने वाली है।

आखिर ऐसा क्या हो गया? असल में, दो ऐसे मुद्दे सामने आए हैं जिन्होंने विपक्ष, खास तौर पर कांग्रेस और ममता दीदी की नींद हड़ा दी है। आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि संसद में इस बार 'हंगामा' क्यों तय है।

गांधी परिवार पर नई FIR का शिकंजा

सबसे पहली और बड़ी खबर आ रही है दिल्ली से। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व यानी Sonia Gandhi और Rahul Gandhi की मुश्किलें फिर बढ़ती दिख रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, National Herald Case से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ एक नई FIR दर्ज की गई है।

बात छोटी-मोटी नहीं है, बल्कि 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े Associated Journals Limited (AJL) के मामले में गड़बड़ी के आरोप हैं। आरोप है कि कुछ जाली दस्तावेज और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल करके बड़ा 'खेल' किया गया है। अब जाहिर है, जब गांधी परिवार पर आंच आएगी, तो संसद में कांग्रेस के तेवर देखने लायक होंगे। बीजेपी इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा बनाएगी, तो वहीं कांग्रेस इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताकर सरकार को घेरेगी।

बंगाल में 'SIR' या 'Scam'?

अब चलते हैं पश्चिम बंगाल। यहाँ मामला Voter List से जुड़ा है। चुनाव आयोग (ECI) अभी Special Intensive Revision (SIR) चला रहा है, जिसका मकसद है वोटर लिस्ट को अपडेट करना। लेकिन, बंगाल में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari का कहना है कि ये SIR नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'स्कैम' है।

बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार की शह पर इस अभियान की आड़ में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जा रहे हैं, ताकि आने वाले चुनावों में वोट बैंक पक्का किया जा सके। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी TMC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और उल्टा इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया है। अब संसद में जब बंगाल के सांसद खड़े होंगे, तो शोर मचना तय है।

संभल और वक्फ बोर्ड पर भी तकरार

इन दो मुद्दों के अलावा, उत्तर प्रदेश के Sambhal में हुई हिंसा और Waqf Board Amendment Bill भी इस सत्र में आग में घी का काम करेंगे। समाजवादी पार्टी (SP) संभल हिंसा को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार अपने एजेंडे पर अडिग है।

कुल मिलाकर दोस्तों, नजारा साफ है एक तरफ मोदी सरकार अपने फैसलों के साथ तैयार खड़ी है, तो दूसरी तरफ 'INDIA' गठबंधन पूरी ताकत से पलटवार करने के मूड में है। जनता के मुद्दे कितने उठेंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन सियासी ड्रामा फुल होगा!

आपकी इस पर क्या राय है? क्या आपको लगता है कि संसद में काम हो पाएगा या फिर सिर्फ शोर-शराबा होगा? कमेंट बॉक्स में अपनी बात जरूर लिखें।