Patna Crime : 30 साल पुरानी दुश्मनी की आग में फिर झुलसा मोकामा, एक हत्या के बाद अब दूसरे गुट पर हमला
बिहार का मोकामा इलाका एक बार फिर गोलियों की आवाज़ और गैंगवार की आशंका से दहल उठा है। दो बाहुबलियों - अनंत सिंह और सूरजभान सिंह - के बीच चली आ रही दशकों पुरानी दुश्मनी ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया है। कुछ ही दिन पहले हुई बाहुबली विधायक अनंत सिंह के करीबी दुलारचंद यादव की हत्या के बाद अब दूसरे गुट के एक निर्दलीय प्रत्याशी पर जानलेवा हमला हुआ है, जिससे पूरे इलाके में तनाव चरम पर है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार की रात, जब दुलारचंद यादव के समर्थक उनके शव के साथ प्रदर्शन कर रहे थे और "जब तक सूरज-चाँद रहेगा, दुलारचंद तेरा नाम रहेगा" जैसे नारे लगा रहे थे, उसी वक्त मोकामा में एक और बड़ी घटना हो गई। दूसरे गुट के माने जाने वाले और खुद को समाजसेवी बताने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राहुल कुमार पर अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में राहुल कुमार बाल-बाल बच गए। उन्होंने तुरंत फेसबुक पर लाइव आकर इस हमले की जानकारी दी और अपने विरोधियों पर हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगाया।
कैसे हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या?
दुलारचंद यादव, जो कि अनंत सिंह के सबसे करीबी और वफादार साथियों में से एक थे, उनकी शनिवार को पटना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें कुछ दिन पहले ही गोली मारी गई थी। दुलारचंद यादव की हत्या ने मोकामा की उस शांत पड़ी चिंगारी को फिर से हवा दे दी, जो अनंत सिंह और सूरजभan सिंह की अदावत के रूप में दशकों से सुलग रही है।
मोकामा में फिर गैंगवार की आशंका
एक के बाद एक हुई इन दोनों घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पटना से लेकर दिल्ली तक इस मामले पर नज़र रखी जा रही है। इलाके के लोग डरे हुए हैं और उन्हें डर है कि यह आपसी रंजिश कहीं एक बड़े गैंगवार का रूप न ले ले। दुलारचंद की हत्या को अनंत सिंह के लिए एक बहुत बड़ा झटका और सीधी चुनौती माना जा रहा है, और अब राहुल कुमार पर हुए हमले को एक जवाबी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और दोनों ही मामलों में शामिल अपराधियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। लेकिन इस तनाव भरे माहौल में मोकामा का हर आम इंसान बस यही दुआ कर रहा है कि यह खूनी खेल अब यहीं थम जाए।