राजस्थान में टले पंचायत और निकाय चुनाव OBC आंकड़ों में देरी बनी बड़ी वजह, जानें कब हो सकती है वोटिंग
News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव (Local Body Elections) फिलहाल टल गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया जाएगा। इस देरी के पीछे का सबसे मुख्य कारण OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण से जुड़े आंकड़ों का समय पर उपलब्ध न हो पाना बताया जा रहा है।
क्यों टले चुनाव? (OBC आंकड़ों का पेंच)
सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' (Triple Test) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में OBC आरक्षण देने से पहले पिछड़ेपन के आंकड़ों का सटीक विश्लेषण अनिवार्य है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को जिलों और वार्डों के अनुसार OBC आबादी का डेटा तैयार कर सरकार को सौंपना था।
डेटा संकलन में देरी: कई जिलों से आंकड़ों के संकलन और उनके सत्यापन (Verification) में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। जब तक यह रिपोर्ट कैबिनेट द्वारा मंजूर नहीं हो जाती, तब तक सीटों का आरक्षण (Reservation Chart) जारी नहीं किया जा सकता।
हजारों प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म, अब 'प्रशासक' राज
चुनाव टलने का सीधा असर ग्रामीण और शहरी विकास कार्यों पर पड़ेगा।
कार्यकाल समाप्ति: प्रदेश की सैकड़ों ग्राम पंचायतों और कई नगरपालिकाओं/नगर परिषदों का कार्यकाल मार्च 2026 में समाप्त हो चुका है।
प्रशासकों की नियुक्ति: नियमानुसार, चुनाव न होने की स्थिति में अब इन निकायों की कमान निर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय सरकारी प्रशासकों (Administrators) के हाथ में रहेगी। विकास कार्यों के लिए अब बीडीओ (BDO) और ईओ (EO) स्तर के अधिकारी ही निर्णय लेंगे।
कब हो सकते हैं अब चुनाव?
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को 15 अप्रैल 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। यदि रिपोर्ट समय पर आती है, तो:
अप्रैल अंत: आरक्षण की लॉटरी और वार्डों का पुनर्निर्धारण।
मई 2026: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की अधिसूचना (Notification) जारी की जा सकती है।
जून 2026: भीषण गर्मी और संभावित मानसून को देखते हुए जून के पहले या दूसरे सप्ताह में मतदान कराए जाने की संभावना है।
सियासी बयानबाजी तेज
चुनाव टलने पर राजस्थान में सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष (Congress) ने आरोप लगाया है कि सरकार अपनी हार के डर से चुनाव टाल रही है और ओबीसी आरक्षण को केवल बहाना बनाया जा रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष (BJP) का कहना है कि वे संवैधानिक प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और भविष्य में कोई कानूनी अड़चन न आए।