Palmistry : हथेली में गुरु पर्वत की स्थिति तय करती है आपकी किस्मत, क्या आपके हाथ में भी है ये खास निशान?
News India Live, Digital Desk: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारी हथेली में मौजूद हर पर्वत और रेखा हमारे भविष्य और व्यक्तित्व का राज खोलती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है 'गुरु पर्वत' (Mount of Jupiter)। यह पर्वत तर्जनी उंगली (Index Finger) के ठीक नीचे स्थित होता है।
समुद्र शास्त्र के अनुसार, गुरु पर्वत का उभरा होना या उस पर विशेष चिह्नों का होना व्यक्ति को असाधारण सफलता, नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। आइए जानते हैं आपकी हथेली का गुरु पर्वत आपके बारे में क्या कहता है।
कैसा है आपका गुरु पर्वत?
विकसित गुरु पर्वत: अगर आपकी हथेली में गुरु पर्वत अच्छी तरह उभरा हुआ और लालिमा लिए हुए है, तो यह सौभाग्य की निशानी है। ऐसे लोग महत्वाकांक्षी, स्वाभिमानी और अच्छे लीडर होते हैं। इन्हें समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है।
दबा हुआ गुरु पर्वत: यदि यह हिस्सा दबा हुआ या सपाट है, तो व्यक्ति को आत्मविश्वास की कमी और सफलता पाने में काफी संघर्ष करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को धार्मिक कार्यों में रुचि कम होती है।
अति विकसित पर्वत: बहुत ज्यादा उभरा हुआ गुरु पर्वत व्यक्ति में अहंकार और तानाशाही की प्रवृत्ति बढ़ा सकता है।
गुरु पर्वत पर इन 3 निशानों का मतलब है 'राजयोग'
हस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार, इस पर्वत पर कुछ विशेष चिह्न व्यक्ति को रातों-रात भाग्यशाली बना सकते हैं:
क्रॉस (Cross) का निशान: गुरु पर्वत पर क्रॉस का होना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह सुखी वैवाहिक जीवन और अचानक धन लाभ का संकेत है।
वर्ग (Square) का चिह्न: यदि यहां छोटा सा चौकोर डिब्बा यानी वर्ग बना है, तो यह आपकी प्रतिष्ठा की रक्षा करता है। ऐसा व्यक्ति बड़े पदों पर आसीन होता है और संकटों से सुरक्षित रहता है।
त्रिकोण (Triangle): गुरु पर्वत पर त्रिकोण का होना तीव्र बुद्धि और कूटनीति का परिचायक है। ऐसे लोग प्रशासनिक सेवाओं या राजनीति में ऊंचाइयों को छूते हैं।
गुरु पर्वत को मजबूत करने के उपाय
यदि आपकी हथेली में गुरु पर्वत कमजोर है, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके कुछ सरल उपाय बताए गए हैं:
प्रतिदिन केसर का तिलक माथे पर लगाएं।
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले वस्त्र धारण करें।
बड़ों और गुरुओं का सम्मान करें, इससे बृहस्पति देव की कृपा बढ़ती है।