Pakistan Fuel Crisis : क्या ठप हो जाएगा पाकिस्तान? 14 अप्रैल के बाद खत्म हो जाएगा फ्यूल का स्टॉक, मच सकती है भारी त्राहि-त्राहि
News India Live, Digital Desk : आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब देश के सामने एक और बड़ा संकट खड़ा हो गया है ईंधन का अकाल (Fuel Crisis)। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास LNG (तरल प्राकृतिक गैस) और पेट्रोल-डीजल का स्टॉक केवल 14 अप्रैल तक ही बचा है। इसके बाद पूरे देश में ईंधन की सप्लाई ठप होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
क्यों खाली हो रहे हैं तेल के भंडार?
पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार की हालत बेहद खस्ता है, जिसके कारण वह अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल और गैस खरीदने में असमर्थ दिख रहा है।
भुगतान का संकट: विदेशी आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) को भुगतान करने के लिए डॉलर की भारी कमी है।
शिपमेंट में देरी: कई तेल कंपनियों ने भुगतान की गारंटी न मिलने के कारण अपने शिपमेंट रोकने की चेतावनी दी है।
महंगाई का नया रिकॉर्ड: अगर संकट नहीं टला, तो पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ₹300 से ₹350 प्रति लीटर के पार जा सकती हैं।
आम जनता और उद्योगों पर पड़ेगा बुरा असर
14 अप्रैल की डेडलाइन करीब आते ही पाकिस्तान के उद्योग जगत और आम नागरिकों में डर का माहौल है।
बिजली संकट: पाकिस्तान की बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा गैस पर निर्भर है। गैस खत्म होने का मतलब है— लंबे समय तक ब्लैकआउट।
ट्रांसपोर्ट ठप: पेट्रोल-डीजल की किल्लत से माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
खाने-पीने की किल्लत: ईंधन संकट सीधे तौर पर खाद्य सामग्री की कीमतों को आसमान पर पहुँचा देगा।
सरकार के पास क्या है विकल्प?
प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और मित्र देशों (चीन, सऊदी अरब) से मदद की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि, कड़ी शर्तों और पुराने कर्ज के बोझ के कारण राहत मिलना आसान नहीं लग रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले दो हफ्तों में बड़ा फंड नहीं मिला, तो पाकिस्तान 'श्रीलंका जैसे हालात' की ओर बढ़ सकता है।