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April 27 2026 11:21 pm

तुलसी में जल चढ़ाना बहुत पुण्य का काम है, लेकिन ये 2 दिन ऐसा करना पाप क्यों माना जाता है?

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News India Live, Digital Desk : हर भारतीय घर के आंगन या बालकनी में आपको एक पौधा जरूर मिलेगा - और वो है तुलसी मां का। हम बचपन से देखते आए हैं कि सुबह नहा-धोकर मां या दादी तुलसी में लोटा भरकर जल चढ़ाती हैं और हाथ जोड़ती हैं। हम सब मानते हैं कि तुलसी में रोज पानी देने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

लेकिन रुकिए! क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में दो ऐसे खास दिन बताए गए हैं जब तुलसी में जल चढ़ाना 'फायदे' की जगह 'नुकसान' पहुंचा सकता है? जी हाँ, अनजाने में हम अक्सर यह गलती कर बैठते हैं और फिर सोचते हैं कि घर में बरकत क्यों नहीं हो रही।

आइए, बिल्कुल सरल भाषा में जानते हैं कि आखिर वो कौन से दिन हैं और इसके पीछे की दिलचस्प वजह क्या है।

1. एकादशी के दिन जल चढ़ाना 'मना' क्यों है?

सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाली बात यही है। हर महीने आने वाली एकादशी (Ekadashi) के दिन तुलसी में जल बिल्कुल नहीं चढ़ाना चाहिए।

  • वजह: मान्यताओं के अनुसार, तुलसी माता भगवान विष्णु की परम भक्त हैं। एकादशी के दिन वे अपने प्रभु विष्णु जी के लिए कठिन 'निर्जला व्रत' (बिना पानी के व्रत) रखती हैं।
  • गलती: अब सोचिए, अगर किसी ने व्रत रखा है और हम जबरदस्ती उन्हें पानी पिलाने की कोशिश करें, तो उनका व्रत टूट जाएगा न? ठीक यही होता है जब हम एकादशी को तुलसी में जल डालते हैं। माना जाता है कि इससे उनका तप भंग होता है और यह शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दिन सिर्फ़ दूर से हाथ जोड़ लेना ही काफी है।

2. रविवार (Sunday) को भी है 'No Entry'

हफ्ते का वो दिन जब सबकी छुट्टी होती है रविवार। लेकिन क्या आपको पता है कि यह तुलसी माता के आराम का दिन माना जाता है?

  • वजह: शास्त्रों में कहा गया है कि रविवार के दिन तुलसी जी विश्राम करती हैं। इस दिन उन्हें छेड़ना, जल चढ़ाना या उनके पत्ते तोड़ना सही नहीं माना जाता। ऐसा करने से दोष लगता है।

इसके अलावा इन बातों का भी रखें खयाल

तुलसी का पौधा सिर्फ़ एक झाड़ी नहीं, बल्कि साक्षात् लक्ष्मी का रूप है। इसलिए कुछ छोटी-मोटी गलतियों से बचें:

  • सूर्यास्त के बाद: शाम ढलने के बाद (अंधेरा होने पर) कभी भी तुलसी को न तो स्पर्श करें और न ही जल चढ़ाएं। शाम को सिर्फ घी का दीपक जलाना ही उत्तम है।
  • पत्ते कब न तोड़ें: बिना नहाए, गंदे हाथों से या बेवजह सिर्फ़ सूंघने के लिए तुलसी के पत्ते कभी नहीं तोड़ने चाहिए।
  • सूखा पौधा: अगर घर में तुलसी सूख जाए, तो उसे फेंकने के बजाय किसी नदी में प्रवाहित कर दें या मिट्टी में दबा दें, और तुरंत नया पौधा लगा लें। सूखी तुलसी घर में रखना शुभ नहीं होता।

तो अगली बार जब लोटा लेकर तुलसी की तरफ बढ़ें, तो कैलेंडर ज़रूर देख लें। श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन नियम का पालन करना भी उतना ही ज़रूरी है।