NRI Day 2026 : एक ऐसी स्पीच जो दिल छू ले भारत के प्रवासियों की वो अनसुनी कहानियाँ

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News India Live, Digital Desk : आज 9 जनवरी है, और हम में से बहुत से लोग जानते होंगे कि आज 'प्रवासी भारतीय दिवस' है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक अहसास है? उन लाखों भारतीयों के लिए जो रोजी-रोटी, करियर या किसी मजबूरी की वजह से देश से दूर बैठे हैं, लेकिन उनका दिल हमेशा अपनी मिट्टी के लिए धड़कता है।

यह दिन 9 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं? (History and Importance)

अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटें, तो साल 1915 की वह सुबह सबसे महत्वपूर्ण थी। उसी दिन दुनिया के सबसे बड़े 'प्रवासी', महात्मा गांधी, दक्षिण अफ्रीका से अपना लंबा संघर्ष खत्म करके भारत लौटे थे। गांधीजी का वह कदम इस बात का प्रतीक था कि आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएँ, आपके ज्ञान और अनुभव की सबसे ज्यादा जरूरत आपके अपने वतन को होती है। बस इसी याद में, 2003 से इस दिन को आधिकारिक तौर पर मनाना शुरू किया गया।

प्रवासी भारतीय दिवस 2026 की थीम (Theme 2026)

हर साल सरकार एक खास थीम के साथ यह दिन सेलिब्रेट करती है। इस बार का फोकस 'आत्मनिर्भर भारत' और 'डिजिटल इंडिया' में प्रवासियों के योगदान पर है। यह सिर्फ पैसे भेजने (Remittances) की बात नहीं है, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और हमारी बुद्धिमानी का परचम लहराने की बात है।

अगर आप भाषण देना चाहते हैं, तो यह ध्यान रखें (PBD Speech Tips)

अगर आप किसी स्कूल, कॉलेज या ऑफिस प्रोग्राम में 'प्रवासी भारतीय दिवस 2026 पर भाषण' देना चाहते हैं, तो किताबी बातों के बजाय अपनी भावनाओं को जोड़ें। कुछ इस तरह से शुरू कर सकते हैं:

"आदरणीय महोदय और मेरे दोस्तों, कहते हैं कि घर से दूर जाना आसान है, पर घर को अपने अंदर से निकालना बहुत मुश्किल है। आज उन लाखों भाइयों और बहनों का दिन है, जो विदेशों में बैठकर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। चाहे वो सिलिकॉन वैली का इंजीनियर हो या खाड़ी देशों में कड़ी धूप में काम करने वाला मज़दूर, हर एक भारतीय भारत का सच्चा एम्बेसडर है..."

महान हस्तियों के अनमोल विचार (Inspiring Quotes)

प्रवासी दिवस के मौके पर हमें स्वामी विवेकानंद की बातें याद आती हैं, जिन्होंने विदेशों में भारतीय अध्यात्म की गूंज पहुँचाई थी। आज के समय में हमारे लिए सबसे बड़ा 'कोट' यही है कि "आप देश से बाहर जा सकते हैं, पर भारतीयता कभी आपके खून से बाहर नहीं जा सकती।"

इस दिन का मकसद क्या है?

आजकल सोशल मीडिया का दौर है, लोग विदेश सेटल होना चाहते हैं। ऐसे में यह दिन हमें याद दिलाता है कि सरकार और देश आज भी अपने उन नागरिकों को उतनी ही अहमियत देते हैं, जो बाउंड्री के बाहर हैं। सरकार कई नीतियां लेकर आती है ताकि NRI (अनिवासी भारतीय) भारत में निवेश कर सकें और अपनी जड़ों से जुड़े रह सकें।

तो चलिए, आज उन सभी प्रवासियों का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने सात समंदर पार भी तिरंगे का सम्मान ऊँचा रखा है।