अब बाजार से क्यों खरीदें? इस मानसून घर पर ही कलम से उगाएं ढेरों गुलाब के पौधे, जानिए सबसे आसान तरीका
गुलाब, जिसे फूलों का राजा कहा जाता है, अपनी खूबसूरती और मनमोहक खुशबू से हर किसी का दिल जीत लेता है। हर कोई चाहता है कि उसका घर, बालकनी या बगीचा इन खूबसूरत फूलों से महकता रहे। कई लोग नर्सरी से महंगे-महंगे गुलाब के पौधे खरीदकर लाते हैं, लेकिन कुछ ही समय बाद वे खराब हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बिना एक भी पैसा खर्च किए, सिर्फ एक पुरानी डाली (कलम) से ढेरों नए गुलाब के पौधे तैयार कर सकते हैं?
जी हाँ, और इसके लिए सबसे सुनहरा और जादुई समय है मानसून का मौसम! बारिश की बूंदों के बीच, जब प्रकृति अपने चरम पर होती है, तब गुलाब की कलम लगाना सबसे आसान और सफल होता है। इस मौसम में हवा में मौजूद नमी कलम को सूखने नहीं देती और जड़ें फूटने की प्रक्रिया कई गुना तेज हो जाती है।
तो चलिए, आज हम आपको कलम से गुलाब उगाने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप विधि और वो सीक्रेट टिप्स बताएंगे, जिससे आपकी लगाई हर कलम एक नए पौधे में बदल जाएगी।
क्यों मानसून है गुलाब की कलम लगाने का बेस्ट मौसम?
इसके पीछे सीधा विज्ञान है। मानसून के दौरान वातावरण में आर्द्रता (Humidity) बहुत ज़्यादा होती है। यह कलम के लिए एक प्राकृतिक ग्रीनहाउस जैसा माहौल बनाती है, जिससे डाली सूखती नहीं है। साथ ही, मिट्टी में लगातार नमी बनी रहती है और तापमान भी जड़ों के विकास के लिए बिल्कुल अनुकूल होता है। यही वजह है कि इस मौसम में कलम के सफल होने की दर 90% तक बढ़ जाती है।
गुलाब की कलम लगाने की A to Z विधि (Step-by-Step Guide)
इस प्रक्रिया के लिए आपको किसी रॉकेट साइंस की ज़रूरत नहीं है। बस कुछ साधारण चीजों और थोड़ी सी देखभाल से आप भी एक सफल गार्डनर बन सकते हैं।
स्टेप 1: सही कलम का चुनाव
यह सबसे ज़रूरी कदम है। कलम हमेशा किसी स्वस्थ और पुराने गुलाब के पौधे से ही लें।
- मोटाई: ऐसी डाली चुनें जो लगभग एक पेंसिल जितनी मोटी हो। बहुत पतली या बहुत मोटी डाली न लें।
- रंग: डाली का रंग हल्का भूरा या हरा होना चाहिए। यह न तो बिल्कुल ताज़ी (हरी) हो और न ही बहुत पुरानी (गहरी भूरी और सूखी)।
- सेहत: डाली पर किसी भी प्रकार के कीड़े या बीमारी का संक्रमण नहीं होना चाहिए।
स्टेप 2: कलम को तैयार करना
- लंबाई: चुनी हुई डाली से लगभग 6 से 8 इंच लंबी कलम काटें।
- कटिंग का एंगल: कलम के ऊपरी सिरे को सीधा काटें और निचले सिरे को 45 डिग्री के एंगल पर (तिरछा) काटें। तिरछा काटने से जड़ें निकलने के लिए ज़्यादा जगह मिलती है।
- पत्तियां हटाएं: कलम के निचले हिस्से की सभी पत्तियां और कांटे हटा दें, बस ऊपर की 2-3 पत्तियां ही रहने दें। ज़्यादा पत्तियां रखने से कलम की सारी ऊर्जा पत्तों को जिंदा रखने में खर्च हो जाती है।
स्टेप 3: मिट्टी का मिश्रण तैयार करना
गुलाब की कलम के लिए अच्छी जल निकासी वाली (Well-draining) मिट्टी सबसे अच्छी होती है। आप यह मिश्रण बना सकते हैं:
- 50% कोकोपीट (Cocopeat)
- 30% वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद (Vermicompost)
- 20% रेत (Sand)
इस मिश्रण को किसी छोटे गमले या पॉलीबैग में भर लें।
स्टेप 4: कलम को लगाना
- रूटिंग हॉर्मोन का प्रयोग: कलम के निचले (तिरछे कटे हुए) हिस्से को रूटिंग हॉर्मोन (Rooting Hormone) में डुबोएं। यह बाजार में आसानी से मिल जाता है। अगर यह उपलब्ध नहीं है, तो आप शहद (Honey) या एलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये प्राकृतिक रूटिंग हॉर्मोन का काम करते हैं।
- गमले में लगाएं: अब मिट्टी में एक पेंसिल या उंगली से छेद बनाएं और कलम को लगभग 2-3 इंच गहरा उसमें लगा दें। कलम को सीधा लगाकर चारों ओर से मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें।
स्टेप 5: देखभाल है सबसे ज़रूरी
- पानी देना: कलम लगाने के बाद स्प्रे बोतल से या बहुत धीरे से पानी दें ताकि मिट्टी में अच्छी नमी बन जाए, लेकिन कीचड़ न हो।
- छाया में रखें: कलम लगे हुए गमले को किसी ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो, लेकिन अच्छी रोशनी हो। किसी बड़े पेड़ के नीचे या बालकनी का कोना इसके लिए उत्तम है।
- छेड़छाड़ न करें: कलम को बार-बार हिलाकर या खींचकर यह देखने की कोशिश न करें कि जड़ें आई हैं या नहीं। ऐसा करने से जड़ें टूट सकती हैं। धैर्य रखें, इस प्रक्रिया में 30 से 40 दिन लग सकते हैं।
- नमी बनाए रखें: अगर आपके शहर में नमी कम है, तो आप गमले के ऊपर एक पॉलीथिन बैग या कटी हुई प्लास्टिक की बोतल रख सकते हैं। यह एक मिनी-ग्रीनहाउस का काम करेगा।
लगभग 1 से 1.5 महीने बाद जब कलम में नई पत्तियां और कोंपलें फूटने लगें, तो समझ जाइए कि आपकी मेहनत सफल हो गई है और आपकी कलम अब एक नन्हा पौधा बन चुकी है। इस मानसून, इस आसान विधि को ज़रूर आजमाएं और अपने घर को गुलाब की खूबसूरती और खुशबू से भर दें!