अब सफर होगा रॉकेट की रफ्तार से! आ गई भारत की सबसे तेज ट्रेन 'नमो भारत', जानें सब कुछ
अब तक आपने वंदे भारत या शताब्दी जैसी तेज ट्रेनों का नाम सुना होगा, लेकिन अब तैयार हो जाइए एक ऐसी ट्रेन के लिए जो इन सबसे एक कदम आगे है. पेश है भारत की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) ट्रेन - 'नमो भारत', जो सही मायनों में रफ्तार की नई परिभाषा लिखने आई है.
यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए एक उम्मीद है जो रोज काम के लिए दिल्ली-एनसीआर के शहरों के बीच सफर करते हैं. घंटों का सफर अब मिनटों में सिमटने वाला है.
कितनी है रफ्तार?
'नमो भारत' ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसे ऐसे समझिए कि दिल्ली से मेरठ तक का सफर, जो अब तक 2 से 3 घंटे ले लेता था, अब मात्र 55 से 60 मिनट में पूरा हो जाएगा. यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक भी पहुंच सकती है. यह वाकई में एक गेम-चेंजर है!
कैसा है अंदर का अनुभव?
'नमो भारत' का अनुभव किसी वर्ल्ड-क्लास ट्रेन से कम नहीं है. इसके कोच में आपको मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं:
- महिलाओं के लिए खास: हर ट्रेन में एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित है.
- आधुनिक सुविधाएं: वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, और सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह जैसी सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. सुरक्षा के लिए हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं.
- ऑटोमेटिक दरवाजे: मेट्रो की तरह इसके दरवाजे भी ऑटोमेटिक हैं, जो सुरक्षा को और बढ़ाते हैं.
किराया कितना है?
इतनी रफ्तार और सुविधाओं के बाद आप सोच रहे होंगे कि किराया तो बहुत महंगा होगा. लेकिन ऐसा नहीं है.
- प्रीमियम क्लास: अगर आप प्रीमियम कोच में सफर करना चाहते हैं, तो इसका किराया स्टैंडर्ड क्लास से थोड़ा ज्यादा होगा, जो लगभग दोगुना हो सकता है.
यह किराया उन लोगों के लिए बहुत किफायती है जो रोज कैब या अपनी गाड़ी से लंबा सफर तय करते हैं, जिसमें समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च होता है.
यह ट्रेन फिलहाल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के एक हिस्से पर चल रही है, लेकिन जल्द ही यह पूरे रूट पर दौड़ने लगेगी, जिससे एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक नई उड़ान मिलेगी. यह सचमुच भारत के भविष्य की ट्रेन है.