अब न मकान मालिक मनमानी कर पाएगा, न किराएदार परेशान करेगा! 2025 में बदल जाएंगे किराए के सारे नियम

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मकान मालिक और किराएदार का रिश्ता भारत में हमेशा से बड़ा नाज़ुक रहा है। कहीं मकान मालिक की मनमानी चलती है, तो कहीं किराएदार घर पर कब्ज़ा करके बैठ जाता है। इसी 'तू-तू, मैं-मैं' और लड़ाई-झगड़े को खत्म करने के लिए सरकार ने जो नया 'मॉडल टेनेंसी एक्ट' बनाया है, उसे 2025 तक लगभग सभी राज्यों में लागू किए जाने की उम्मीद है।

अगर ये नियम लागू हो गए, तो समझिए कि किराए पर घर देने और लेने का पूरा तरीका ही बदल जाएगा। चलिए जानते हैं वो 5 सबसे बड़े बदलाव जो हर किराएदार और मकान मालिक को जानने चाहिए।

1. अब ज़ुबानी 'हाँ-हाँ, ठीक है' वाला ज़माना गया
सबसे बड़ा और सबसे ज़रूरी नियम - अब हर चीज़ लिखित में होगी। किराए पर घर देने से पहले एक लिखित रेंट एग्रीमेंट बनाना अनिवार्य होगा। इस एग्रीमेंट की एक कॉपी दोनों पार्टियों के पास रहेगी और इसे सरकार द्वारा बनाई गई एक 'रेंट अथॉरिटी' के पास ऑनलाइन जमा कराना होगा। इससे कोई भी अपनी बात से मुकर नहीं पाएगा।

2. सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर लगी लगाम
यह किराएदारों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है। मकान मालिक अब मनमाना सिक्योरिटी डिपॉज़िट नहीं मांग सकेंगे। नए नियम के तहत, घर के लिए सिर्फ 2 महीने का किराया और दुकान या ऑफिस के लिए सिर्फ 6 महीने का किराया ही सिक्योरिटी के तौर पर लिया जा सकेगा। इससे ज़्यादा मांगना गैर-कानूनी होगा।

3. "जब मन किया, किराया बढ़ा दिया?" अब नहीं चलेगा!
कई मकान मालिक हर कुछ महीने में किराया बढ़ाने की धमकी देते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। अगर मकान मालिक को किराया बढ़ाना है, तो उसे कम से कम 3 महीने पहले किराएदार को लिखित में नोटिस देना होगा। किराएदार की सहमति के बिना किराया नहीं बढ़ाया जा सकेगा।

4. घर खाली करने को लेकर नियम हुए सख़्त
मकान मालिक अब अपनी मर्ज़ी से जब चाहे किराएदार को घर से नहीं निकाल सकता। इसके लिए ठोस वजह होनी चाहिए, जैसे:

  • अगर किराएदार ने लगातार 2 महीने तक किराया न दिया हो।
  • अगर वह प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल कर रहा हो।
  • अगर उसने बिना पूछे घर में कोई बड़ा तोड़-फोड़ या बदलाव कर दिया हो।

छोटी-छोटी बातों पर घर खाली करने का दबाव बनाना अब मुमकिन नहीं होगा।

5. मकान मालिकों के लिए भी है बड़ी राहत
यह कानून सिर्फ किराएदारों के पक्ष में नहीं है, यह मकान मालिकों को भी बचाता है। अगर रेंट एग्रीमेंट खत्म हो गया है और किराएदार घर खाली नहीं कर रहा है, तो मकान मालिक रेंट अथॉरिटी में शिकायत कर सकता है। इसके बाद किराएदार को पहले दो महीनों के लिए दोगुना और उसके बाद चार गुना किराया हर्जाने के तौर पर देना पड़ सकता है।

सीधे शब्दों में कहें तो सरकार का मकसद इस पूरे रिश्ते को प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाना है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ कोई नाइंसाफी न हो।