अब किराना, पेट्रोल से लेकर BMW तक... सब कुछ होगा सस्ता! GST का अब तक का सबसे बड़ा बदलाव, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

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नई दिल्ली: कमर कस लीजिए, क्योंकि देश के सबसे बड़े टैक्स सिस्टम, यानी GST (वस्तु एवं सेवा कर) में एक ऐसा 'महा-बदलाव' होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आपकी रसोई के बजट से लेकर आपके सपनों की लग्जरी कार तक, हर चीज पर पड़ेगा. सरकार और GST काउंसिल, टैक्स स्लैब में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे आपकी जेब को बड़ी राहत मिल सकती है.

यह सिर्फ एक छोटा-मोटा बदलाव नहीं, बल्कि पूरे टैक्स ढांचे को सरल और तर्कसंगत बनाने की एक बड़ी कवायद है. तो चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि क्या बदलने वाला है और इससे आपको कितना फायदा हो सकता है.

अब सिर्फ 3 GST स्लैब! खत्म होगा टैक्स का जंजाल

अभी तक हम सब अलग-अलग चीजों पर 5%, 12%, 18% और 28% के हिसाब से GST देते आ रहे हैं. यह सिस्टम थोड़ा उलझा हुआ है और कई बार कन्फ्यूजन पैदा करता है. अब, वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली GST काउंसिल इस पूरे सिस्टम को बदलकर सिर्फ तीन स्लैब में लाने पर विचार कर रही है.

नया प्रस्तावित सिस्टम कुछ ऐसा हो सकता है:

  1. एक निचला स्लैब: हो सकता है 8-9% का हो.
  2. एक स्टैंडर्ड स्लैब: जो 15% का हो सकता है.
  3. एक हायर (डीमेरिट) स्लैब: यह 28% पर ही रह सकता है.

आपकी जेब पर क्या होगा असर? जानें क्या होगा सस्ता

यह बदलाव हर आम और खास आदमी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. आइए देखते हैं कैसे:

  • किराना और रोजमर्रा का सामान होगा सस्ता: जो चीजें अभी 12% वाले स्लैब में आती हैं, जैसे- घी, मक्खन, प्रोसेस्ड फूड, मोबाइल फोन, आदि, वे नए सिस्टम में निचले स्लैब (8-9%) में आ सकती हैं. इससे इन सभी चीजों के दाम घट जाएंगे. 5% स्लैब वाली चीजों पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन कुल मिलाकर घर का बजट सुधर सकता है.
  • हेयरकट, रेस्टोरेंट में खाना, ब्यूटी पार्लर जाना भी सस्ता: अभी तक इन सभी सेवाओं पर हम 18% GST देते हैं. नए सिस्टम में यह सीधे 15% के स्टैंडर्ड स्लैब में आ सकती हैं, जिससे आपका महीने का खर्च कम हो जाएगा. टीवी, फ्रिज और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स भी इसी कैटेगरी में आकर सस्ते हो सकते हैं.
  • BMW और लग्जरी कारें भी सस्ती हो सकती हैं!: यह सबसे चौंकाने वाला बदलाव हो सकता है. अभी 28% GST वाली लग्जरी कारों और सीमेंट जैसी चीजों को नए हायर स्लैब में रखने की योजना है. हालांकि, इस स्लैब पर लगने वाला सेस (Cess) हटाया जा सकता है या कम किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो आपकी सपनों की BMW, मर्सिडीज या अन्य लग्जरी गाड़ियां भी कुछ हद तक सस्ती हो सकती हैं.
  • पेट्रोल-डीजल भी GST के दायरे में?: सबसे बड़ी चर्चा पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने की हो रही है. अगर ऐसा हो गया, तो देशभर में पेट्रोल की कीमतें एक समान हो जाएंगी और उनमें भारी कमी देखने को मिल सकती है.

यह बदलाव कब से लागू होगा, इस पर अंतिम फैसला GST काउंसिल की अगली बैठक में लिया जाएगा. लेकिन एक बात तय है कि अगर ये प्रस्ताव पास हो गए, तो यह मोदी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा आपकी और हमारी जेब को मिलेगा.