बिहार बोर्ड 10वीं के टॉपर्स पर होगी नोटों की बारिश नकद इनाम, लैपटॉप और किंडल, जानें सरकार से क्या-क्या मिलेगा
News India Live, Digital Desk: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा मैट्रिक (कक्षा 10वीं) के परिणाम घोषित किए जाने की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही है, छात्रों के बीच उत्साह और धुकधुकी बढ़ती जा रही है। बिहार बोर्ड न केवल देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने के लिए जाना जाता है, बल्कि अपने मेधावी छात्रों को सम्मानित करने में भी सबसे आगे रहता है। अगर आप भी इस साल बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में टॉप करने की रेस में हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने टॉपर्स के लिए इनामों का पिटारा खोल दिया है।
फर्स्ट टॉपर को मिलेगा 1 लाख रुपये और लैपटॉप
बिहार बोर्ड की ओर से मैट्रिक परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान (Rank 1) प्राप्त करने वाले छात्र को 1 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही छात्र को एक लैपटॉप और एक ई-बुक रीडर (Kindle) भी दिया जाएगा, ताकि वह अपनी आगे की पढ़ाई को और बेहतर ढंग से जारी रख सके।
सेकंड और थर्ड टॉपर्स के लिए भी शानदार पुरस्कार
पुरस्कारों की यह फेहरिस्त केवल पहले स्थान तक सीमित नहीं है:
द्वितीय स्थान (Rank 2): दूसरे नंबर पर आने वाले परीक्षार्थी को 75,000 रुपये नकद, एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर दिया जाएगा।
तृतीय स्थान (Rank 3): तीसरे स्थान पर रहने वाले मेधावी छात्र को 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, एक लैपटॉप और एक किंडल प्रदान किया जाएगा।
सांत्वना पुरस्कार: 4थी से 10वीं रैंक वालों की भी चांदी
बोर्ड ने टॉप-10 की सूची में शामिल अन्य मेधावियों का भी पूरा ख्याल रखा है। राज्य स्तर पर चौथी से दसवीं रैंक (Rank 4 to 10) हासिल करने वाले प्रत्येक छात्र को 10,000 रुपये की नकद राशि और एक लैपटॉप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह आमतौर पर 'मेधा दिवस' (डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती) के अवसर पर या बोर्ड द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में दिया जाता है।
स्कॉलरशिप और आगे की पढ़ाई में मदद
इनामों के अलावा, टॉपर्स को सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ भी मिलता है। 'बिहार राज्य मेधावृत्ति योजना' के तहत उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही, अच्छे अंकों से पास होने वाले सामान्य और आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए भी 'मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना' के तहत 10,000 रुपये तक की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।