डॉक्टर की दवाइयां नहीं, दादी-नानी का यह 'जादुई काढ़ा' सर्दी-जुकाम को कर देगा छूमंतर
मौसम में हल्का सा भी बदलाव आता नहीं कि घर-घर में 'आछीं-आछीं' की आवाजें और खांसी की 'टन-टन' शुरू हो जाती है. बदलते मौसम के साथ सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में हम तुरंत डॉक्टर के पास भागते हैं या मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक ले आते हैं.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन छोटी-मोटी मौसमी बीमारियों का सबसे शक्तिशाली और असरदार इलाज आपके किचन में ही मौजूद है? हम बात कर रहे हैं तुलसी के काढ़े की. यह कोई मामूली चाय नहीं, बल्कि आयुर्वेद का वो वरदान है जो हमारी इम्यूनिटी को फौलादी बनाकर बीमारियों को कोसों दूर रखता है.
यह हमारी दादी-नानी का वो आजमाया हुआ नुस्खा है, जिसके आगे बड़ी-बड़ी दवाइयां भी फेल हैं. तो चलिए, आज सीखते हैं सेहत का खजाना, यानी तुलसी का काढ़ा बनाने का सही और सबसे असरदार तरीका.
क्यों है तुलसी का काढ़ा इतना चमत्कारी?
तुलसी को 'जड़ी-बूटियों की रानी' कहा जाता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को इतना मजबूत बना देती है कि वायरस और बैक्टीरिया शरीर पर आसानी से हमला नहीं कर पाते.
काढ़ा बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
- तुलसी की पत्तियां: 10-15 (अच्छे से धुली हुई)
- अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कुचला हुआ)
- काली मिर्च: 4-5 दाने (दरदरी कुटी हुई)
- लौंग: 2-3 (कुचली हुई)
- दालचीनी: एक छोटा टुकड़ा
- शहद या गुड़: 1 चम्मच (स्वाद के लिए)
- पानी: 2 गिलास
बनाने की सबसे आसान विधि:
- सबसे पहले एक पैन या पतीले में 2 गिलास पानी डालकर उसे गर्म होने के लिए रख दें.
- जब पानी में हल्का उबाल आने लगे, तो उसमें तुलसी की पत्तियां, कुचला हुआ अदरक, काली मिर्च, लौंग और दालचीनी का टुकड़ा डाल दें.
- अब आंच को धीमा कर दें और इस मिश्रण को कम से कम 10-15 मिनट तक उबलने दें. इसे तब तक उबालना है जब तक कि पानी घटकर आधा (यानी 1 गिलास) न रह जाए. ऐसा करने से सभी मसालों का अर्क पानी में अच्छी तरह से आ जाएगा.
- जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें और काढ़े को एक कप में छान लें.
- इसे हल्का सा ठंडा होने दें. जब यह पीने लायक गर्म रह जाए, तो इसमें एक चम्मच शहद या गुड़ मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें. (ध्यान रखें: शहद को कभी भी उबलते हुए पानी में नहीं डालना चाहिए, इससे उसके गुण खत्म हो जाते हैं.)
आपका गर्मागर्म, सेहतमंद और चमत्कारी तुलसी का काढ़ा तैयार है!
कब और कैसे पिएं?
इसे सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं. अगर आपको सर्दी-जुकाम या खांसी है, तो दिन में दो बार इसका सेवन करने से आपको एक ही दिन में काफी राहत महसूस होगी.
तो अगली बार जब मौसम बदले, तो दवाइयों पर पैसे खर्च करने के बजाय, अपने किचन में जाएं और यह 'अमृत' बनाकर पिएं.