सिर्फ डीए नहीं, अब बेसिक सैलरी बढ़ने की बारी! जानिए कब से खाते में आएंगे बढ़े हुए पैसे

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केंद्र सरकार हर दस साल में अपने कर्मचारियों के लिए एक नया वेतन आयोग लेकर आती है। सातवें वेतन आयोग को लागू हुए भी अब लगभग दस साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में अब हर किसी की नजरें आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हैं। चर्चा है कि यह नया वेतन आयोग जल्द ही लागू किया जा सकता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में एक बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आइए, जानते हैं कि इसे लेकर क्या कुछ खास है।

त्योहारों से पहले डीए में हुई बढ़ोतरी

सबसे पहले बात करते हैं हाल ही में मिली खुशखबरी की। सरकार ने 1 अक्टूबर से सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी डीए (DA Hike) में 3% की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल डीए 55% से बढ़कर 58% हो गया है। हालांकि, यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत ही की गई है, लेकिन इससे कर्मचारियों को त्योहारों से पहले एक बड़ा तोहफा मिल गया है।

कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आठवां वेतन आयोग कब आएगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। हालांकि, इसे लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसे पूरी तरह से लागू होने में दो से तीन साल का वक्त लग सकता है।

अगर हम सातवें वेतन आयोग का उदाहरण देखें, तो उसका गठन 2014 में हुआ था, 2015 में उसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी और फिर 2016 में जाकर उसकी सिफारिशें कर्मचारियों की सैलरी पर लागू हुईं। इसी पैटर्न को देखें तो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में भी थोड़ा समय लग सकता है।

सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

आठवें वेतन आयोग से सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि यह कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Basic Salary) में अच्छी खासी बढ़ोतरी करेगा। अभी तक जो अनुमान लगाए जा रहे हैं, उनके मुताबिक सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 26,000 रुपये तक किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत होगी। हालांकि, यह अभी सिर्फ एक अनुमान है और इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वेतन आयोग से किसे और क्या फायदा होता है?

आपको बता दें कि वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में इसलिए किया जाता है ताकि बढ़ती महंगाई के हिसाब से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन को रिवाइज किया जा सके। इसका सीधा फायदा देश के लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को मिलता है, जिनका जीवन स्तर इससे बेहतर होता है।