Northeast Indians : क्या हम भारतीय नहीं? शंघाई एयरपोर्ट पर प्रताड़ना के बाद अरुणाचल की लड़की ने ट्रोलर्स को दिखाया आईना

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News India Live, Digital Desk : आप विदेश में हों, वहाँ के अधिकारी आपको सिर्फ इसलिए परेशान करें क्योंकि आप भारत के एक खास हिस्से से आते हैं..आप डरे हुए हों और जब आप अपना दर्द अपने देशवासियों (Social Media) के साथ बांटें, तो वो आपको सहारा देने के बजाय पूछें "क्या तुम सच में इंडियन हो?"

दिल टूट जाएगा न? ठीक ऐसा ही कुछ हुआ है अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की रहने वाली एक महिला के साथ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है। यह सिर्फ एक खबर नहीं, हम सब के लिए एक रियलिटी चेक है।

शंघाई एयरपोर्ट पर आखिर हुआ क्या था?

अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली 'मायोस्ने' (Myyosne) हाल ही में चीन के शंघाई (Shanghai Airport) ट्रेवल कर रही थीं। हम सब जानते हैं कि चीन और भारत के बीच अरुणाचल को लेकर क्या तनातनी रहती है। एयरपोर्ट पर चीनी अधिकारियों ने उनके भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) और डॉक्यूमेंट्स को लेकर उन्हें घंटों परेशान किया।

एक अकेली लड़की, परदेस में और पुलिसवालों के तीखे सवाल। वो डरी हुई थीं, उन्हें लग रहा था कि शायद वो वापस अपने घर भी आ पाएंगी या नहीं। उस खौफ के माहौल में जब उन्हें कोई उम्मीद नहीं दिखी, तो उन्होंने अपने देश के लोगों से ऑनलाइन मदद की गुहार लगाई।

अपनों ने ही दिया दर्द (The Ugly Reality)

जब मायोस्ने ने अपना अनुभव शेयर किया, तो होना तो यह चाहिए था कि हम भारतीय उनके साथ खड़े होते। लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। कई सोशल मीडिया ट्रोलर्स (Trolls) ने उनके लुक्स और चेहरे-मोहरे को लेकर भद्दे कमेंट्स शुरू कर दिए। किसी ने उन्हें 'चाइनीज' कहा तो किसी ने उनकी भारतीय नागरिकता पर ही सवाल उठा दिए।

चीन की पुलिस ने जो किया सो किया, लेकिन अपने ही देश के लोगों के इन शब्दों ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया।

"चीन को ज़मीन चाहिए, इंसान नहीं..."

नफरत फैलाने वालों को जवाब देने के लिए मायोस्ने ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बहुत गहरी बात कही। उनकी आँखों में गुस्सा भी था और एक टीस भी। उन्होंने कहा:"चीन के लोग तो शायद हमारी ज़मीन (अरुणाचल) चाहते हैं, वो हमें भारतीय नहीं मानते। लेकिन दुख तो तब होता है जब खुद भारत के लोग ही हमें अपना नहीं समझते। हम कब तक सबूत देते रहेंगे कि हम भी इसी देश का हिस्सा हैं?"

उनका यह संदेश साफ है सरहद पर लड़ाई सिर्फ फौज नहीं लड़ती, बल्कि देश के अंदर हमें भी एक-दूसरे का साथ देना होता है। नॉर्थ-ईस्ट (Northeast India) के लोगों को आए दिन 'चिंकी' या 'चाइनीज' कहकर चिढ़ाना सिर्फ मजाक नहीं है, यह उन्हें अपने ही देश में बेगाना बना देता है।

एक होने का वक़्त आ गया है

अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है, यह हम सब गर्व से कहते हैं। लेकिन क्या हम अरुणाचल के लोगों को भी वही प्यार और सम्मान दे रहे हैं? मायोस्ने का यह वीडियो एक सवाल छोड़ गया है कि अगर हम अपने ही भाई-बहनों को उनके लुक्स की वजह से ट्रोल्स करेंगे, तो फिर दुश्मन मुल्क को क्या दोष दें?

अब वक़्त है कि हम इन ऑनलाइन ट्रोलर्स को जवाब दें और अपने नॉर्थ-ईस्ट के भाई-बहनों को अहसास दिलाएं कि पूरा भारत उनके साथ खड़ा है। जय हिन्द।