झारखंड में रामनवमी पर नो डीजे, नो आर्म्स नई गाइडलाइन जारी नियमों का उल्लंघन करने पर रद्द होगा अखाड़े का लाइसेंस
News India Live, Digital Desk: झारखंड में रामनवमी के महापर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने कमर कस ली है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस साल रामनवमी के जुलूसों के लिए बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शोभायात्रा के दौरान डीजे (DJ) बजाने और अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वाली अखाड़ा समितियों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उनके भविष्य के लाइसेंस भी रद्द कर दिए जाएंगे।
जुलूस में केवल 100 लोगों की अनुमति, वॉलेंटियर्स को मिलेगा आई-कार्ड नई गाइडलाइन के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार प्रत्येक अखाड़ा दल या जुलूस में अधिकतम 100 श्रद्धालुओं के ही शामिल होने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, जुलूस की व्यवस्था संभालने के लिए समितियों को अपने सक्रिय सदस्यों को वॉलेंटियर बनाना होगा, जिन्हें प्रशासन द्वारा जारी पहचान पत्र (Identity Card) पहनना अनिवार्य होगा। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अखाड़ा प्रमुखों को अपने निर्धारित रूट और समय का सख्ती से पालन करना होगा।
अस्त्र-शस्त्र और खतरनाक करतबों पर 'जीरो टॉलरेंस' झारखंड प्रशासन ने जुलूस के दौरान तलवार, लाठी या अन्य किसी भी प्रकार के घातक हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही, सड़कों पर 'खतरनाक करतब' दिखाने पर भी पाबंदी रहेगी। एसएसपी प्रभात कुमार ने चेतावनी दी है कि भड़काऊ भाषण देने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गीतों पर पुलिस की पैनी नजर है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि उपद्रवियों की पहचान तुरंत की जा सके।
बिजली कटौती नहीं, लेकिन झंडे और झांकी की ऊंचाई तय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम (JBVNL) ने घोषणा की है कि रामनवमी के दिन बिजली कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से झंडों, झांकियों और वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 4 मीटर (करीब 13 फीट) निर्धारित की गई है ताकि वे बिजली के तारों से न टकराएं। रांची, धनबाद, जमशेदपुर और हजारीबाग जैसे शहरों में विशेष मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
विधानसभा से सड़क तक डीजे बैन पर मचा सियासी घमासान बता दें कि झारखंड में डीजे पर लगे इस प्रतिबंध को लेकर राजनीति भी गरमाई हुई है। विपक्षी दल भाजपा ने इसे 'हिंदू आस्था' पर चोट बताया है, जबकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि यह फैसला माननीय हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण संबंधी आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। प्रशासन ने सभी धर्मों के लोगों से अपील की है कि वे शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।