निशांत कुमार को बना देना चाहिए बिहार का CM, बाहुबली अनंत सिंह ने नीतीश के बेटे के लिए खोल दिया अपना दिल
News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों का सैलाब आया हुआ है। 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह (Anant Singh) ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अनंत सिंह ने खुले तौर पर इच्छा जाहिर की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे अपनी 'दिल की तमन्ना' बताते हुए निशांत की सादगी और स्वभाव की जमकर तारीफ की है।
अनंत सिंह का बड़ा दावा: "निशांत में है बिहार चलाने का दम"
गुरुवार (26 मार्च 2026) को एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि बिहार को अब एक नए और बेदाग चेहरे की जरूरत है।
सादगी की मिसाल: अनंत सिंह ने कहा, "निशांत कुमार बहुत ही सीधे और सुलझे हुए इंसान हैं। उनमें कोई लालच नहीं है। नीतीश बाबू ने राज्य के लिए बहुत कुछ किया है, अब उनके बेटे को कमान संभालनी चाहिए।"
पॉलिटिक्स से दूरी: गौरतलब है कि निशांत कुमार हमेशा से राजनीति की चकाचौंध से दूर रहे हैं और अपनी आध्यात्मिक और निजी दुनिया में व्यस्त रहते हैं। लेकिन अनंत सिंह का मानना है कि उनकी यही सादगी उन्हें एक आदर्श मुख्यमंत्री बना सकती है।
विरासत की राजनीति: नीतीश के 'उत्तराधिकारी' पर सस्पेंस
नीतीश कुमार ने हमेशा 'परिवारवाद' का विरोध किया है और अपने बेटे को राजनीति से दूर रखा है। ऐसे में अनंत सिंह के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं:
विरोधियों को संदेश: जानकारों का मानना है कि अनंत सिंह इस बयान के जरिए तेजस्वी यादव और अन्य 'युवा' नेताओं को चुनौती दे रहे हैं।
जदयू (JDU) में हलचल: हालांकि पार्टी स्तर पर इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में निशांत कुमार राजनीति में कदम रखेंगे?
अनंत सिंह की 'नीतीश भक्ति' के पीछे क्या है राज?
कभी नीतीश कुमार के धुर विरोधी रहे अनंत सिंह पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री के प्रति काफी नरम और समर्थक नजर आ रहे हैं।
बदली हुई केमिस्ट्री: हाल ही में अनंत सिंह की जेल से रिहाई और उनके समर्थकों द्वारा नीतीश के पक्ष में नारेबाजी ने बिहार में नए समीकरणों की ओर इशारा किया है।
मिशन 2027: बिहार विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अनंत सिंह का यह बयान नीतीश कुमार के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश भी हो सकता है।
निशांत कुमार: सादगी की पहचान
निशांत कुमार ने कई बार मीडिया में स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे अपने पिता की संपत्ति के उत्तराधिकारी तो हैं, लेकिन उन्होंने कभी किसी राजनीतिक रैली या बैठक में हिस्सा नहीं लिया है। ऐसे में अनंत सिंह की यह 'दिल की ख्वाहिश' क्या हकीकत में बदल पाएगी, यह बड़ा सवाल है।