हाईवे पर गड्ढों की अब खैर नहीं! NHAI सड़कों पर उतार रहा है 'सुपर-स्मार्ट' गाड़ियां, हर दरार का रखेंगी हिसाब

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नई दिल्ली: नेशनल हाईवे पर सफर करते हुए अब आपको गड्ढों और खराब सड़कों की चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़कों को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए एक बड़ा और हाई-टेक कदम उठाया है। अब देश के 23 राज्यों में नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (NSV) नाम की 'सुपर-स्मार्ट' गाड़ियां दौड़ेंगी, जो सड़कों का 'हेल्थ चेकअप' करेंगी।

ये गाड़ियां लगभग 21 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का कोना-कोना छानेंगी और सड़क पर मौजूद हर एक दरार, हर एक गड्ढे और हर पैच का हिसाब रखेंगी।

ये कोई मामूली गाड़ी नहीं, चलता-फिरता 'रोड स्कैनर' है

यह नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (NSV) एक चलता-फिरता 'रोड स्कैनर' है, जो बेहद एडवांस तकनीक से लैस है।

  • 3D लेजर स्कैनर: यह सड़क की सतह का 3D मैप बना लेता है।
  • 360-डिग्री हाई-डेफिनेशन कैमरे: यह सड़क और उसके आसपास की हर तस्वीर को कैद कर लेते हैं।
  • सुपर-एक्यूरेट  GPS: यह सिस्टम सड़क की सटीक लोकेशन बताता है, ताकि पता रहे कि खराबी ठीक कहां पर है।

यह गाड़ी इंसानी आंखों की तरह गलती नहीं करती, बल्कि चलते-चलते खुद-ब-खुद सड़क की हर कमी, चाहे वो कितनी भी छोटी क्यों न हो, उसे पकड़ लेती है और तुरंत रिपोर्ट कर देती है।

क्या होगा इस 'हेल्थ रिपोर्ट' का?

सड़क का 'स्कैन' पूरा होने के बाद, सारा डेटा NHAI के 'डेटा लेक' (Data Lake) नाम के एक खास AI पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। वहां एक्सपर्ट्स की टीम इस डेटा का विश्लेषण करेगी और यह पता लगाएगी कि किस सड़क को कब और कहां मरम्मत की जरूरत है।

इस पूरी कवायद का सीधा फायदा आप और हम जैसे यात्रियों को मिलेगा। NHAI को अब सड़कों की हालत का रियल-टाइम और सटीक डेटा मिलेगा, जिससे मरम्मत का काम ज्यादा तेजी से और बेहतर तरीके से हो पाएगा।

यह सर्वे हर छह महीने के अंतराल पर किया जाएगा, ताकि सड़कों को हमेशा अच्छी हालत में रखा जा सके। इस बड़ी पहल को लागू करने के लिए NHAI ने योग्य कंपनियों से बोलियां भी मांग ली हैं।

यह कदम न सिर्फ हमारे सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा, बल्कि देश के हाईवे नेटवर्क को दुनिया के सबसे बेहतरीन नेटवर्क्स में से एक बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग साबित होगा।