UGC के नए नियम या सवर्णों के खिलाफ डेथ वारंट? भड़के महिपाल मकराना, करणी सेना ने दी भारत बंद की चेतावनी

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News India Live, Digital Desk : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद अब थमने के बजाय और उग्र होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश से राजस्थान तक छात्र संगठनों के गुस्से के बीच अब इस लड़ाई में करणी सेना की एंट्री हो गई है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने इन नियमों को सवर्ण समाज के युवाओं के खिलाफ एक साजिश करार दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि ये नियम 'नो वकील, नो अपील, नो दलील' वाले काले कानून जैसे हैं।

जयपुर में प्रदर्शन के दौरान मकराना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कदम पीछे नहीं खींचे, तो राजस्थान विधानसभा के घेराव के बाद पूरा 'भारत बंद' किया जाएगा।

"सवर्णों को पहले दिन ही अपराधी मान लिया गया"

मीडिया से मुखातिब होते हुए महिपाल सिंह मकराना ने UGC की नई गाइडलाइन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों की बनावट ऐसी है कि सामान्य वर्ग के छात्रों को पहले दिन से ही अपराधी की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया है।"UGC का नया सिस्टम यह मानकर चलता है कि सवर्ण समाज का युवा दोषी है। अगर किसी पर आरोप लग गया, तो उसे पक्ष रखने का मौका दिए बिना सीधे अपराधी मान लिया जाएगा। यह भेदभाव नहीं तो और क्या है?" - महिपाल सिंह मकराना

क्या है विवाद की मुख्य वजह?

विरोध कर रहे संगठनों का तर्क है कि नए नियमों में एससी-एसटी (SC/ST) वर्ग के लिए तो मजबूत शिकायत निवारण तंत्र बनाया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कोई सुरक्षा कवच या संतुलित व्यवस्था नहीं है।

एकतरफा कार्रवाई का डर: करणी सेना का कहना है कि आरोपी को अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिले बिना ही दंडित किया जा सकता है।

झूठी शिकायतों का मुद्दा: मकराना ने मांग की कि यदि जांच में शिकायत झूठी पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी वैसी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जैसी आरोपी के लिए तय है।

बेटियों के सम्मान और सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल

महिपाल मकराना ने दिल्ली विश्वविद्यालय की एक कथित घटना का उदाहरण देते हुए इसे सामाजिक सुरक्षा से जोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि नए नियमों के दुरुपयोग से बेटियों को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मना करने या विरोध करने पर झूठे केस दर्ज कराने की 'बाढ़' आ सकती है, जिससे छात्राओं की इज्जत और भविष्य दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।

विधानसभा घेराव और भारत बंद की हुंकार

करणी सेना ने अपने आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। मकराना ने कहा कि यह लड़ाई अब केवल कैंपस तक सीमित नहीं रहेगी।

पहला चरण: राजस्थान विधानसभा का बड़ा घेराव किया जाएगा।

दूसरा चरण: यदि सरकार नहीं झुकी, तो देशभर के सवर्ण संगठनों को एकजुट कर भारत बंद की तारीख का ऐलान होगा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस राजनीतिक दल को समाज ने सबसे ज्यादा समर्थन दिया, आज वही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।