सरकार 10 फरवरी 2025 को नया इनकम टैक्स बिल लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले 7 फरवरी को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस बिल के लागू होने पर 1961 का इनकम टैक्स एक्ट समाप्त हो जाएगा, और नए टैक्स नियम प्रभावी हो जाएंगे।
नया इनकम टैक्स बिल क्यों जरूरी है?
- 1961 का इनकम टैक्स एक्ट 60+ साल पुराना हो चुका है।
- 298 सेक्शंस और 23 चैप्टर्स की वजह से यह जटिल हो गया है।
- नए नियम टैक्सपेयर्स और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए आसान होंगे।
- डायरेक्ट टैक्स कोड (DTC) को सरल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल किया था ऐलान
- 23 जुलाई 2024 को पेश यूनियन बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स कानून की समीक्षा की घोषणा की थी।
- उन्होंने कहा था कि सरकार ऐसे कानून बनाएगी, जो स्पष्ट और समझने में आसान होंगे।
टैक्स विवादों में कमी आएगी
- सरकार का उद्देश्य: टैक्स कानून को सरल बनाकर टैक्स विवादों की संख्या को कम करना।
- वर्तमान स्थिति: लगभग 2.7 करोड़ टैक्स विवादित मामले लंबित हैं, जिनमें 35 लाख करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।
- सरल नियमों से टैक्सपेयर्स की भागीदारी बढ़ेगी और अनुपालन में सुधार होगा।
नए नियमों की प्रमुख विशेषताएं
1. पढ़ने और समझने में आसान नियम
- नए कानून को कम सेक्शंस और सरल भाषा में लिखा जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय टैक्स मानकों को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है।
2. गैर-जरूरी टैक्स नियम हटाए जाएंगे
- कई पुराने और अप्रासंगिक नियमों को हटाने का प्रस्ताव।
- रेजिडेंसी से जुड़े कानूनों को सरल बनाया जाएगा।
- कैपिटल गेंस टैक्स को और स्पष्ट किया जाएगा।
3. टेक्नोलॉजी का अधिक इस्तेमाल
- इनकम टैक्स फाइलिंग और कंप्लायंस को टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाया जाएगा।
- डिजिटल टैक्स सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।