New Excise Policy : झारखंड में शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर, विदेशी ब्रांड होंगे सस्ते, देसी पड़ सकती है महंगी
News India Live, Digital Desk: New Excise Policy : झारखंड में 1 सितंबर से शराब को लेकर पूरा खेल बदल गया है। राज्य सरकार की नई उत्पाद नीति (New Excise Policy) आज से लागू हो गई है, जिसके बाद शराब के शौकीनों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। इस नई नीति की सबसे बड़ी और दिलचस्प बात यह है कि अब राज्य में महंगी और प्रीमियम ब्रांड की विदेशी शराब सस्ती हो जाएगी, जबकि देसी और सस्ती शराब की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सरकार ने क्यों बदली नीति? पूरा कंट्रोल अब अपने हाथ में
हेमंत सोरेन सरकार ने यह बड़ा बदलाव शराब के अवैध कारोबार और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के मकसद से किया है। अब तक राज्य में शराब का थोक व्यापार निजी हाथों में था, जिससे 'शराब माफिया' की सक्रियता और राजस्व के नुकसान की शिकायतें आम थीं।
इस पर नकेल कसने के लिए, अब सरकार ने खुद ही शराब के थोक व्यापार को अपने नियंत्रण में ले लिया है। झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) अब राज्य में शराब का एकमात्र थोक विक्रेता होगा। यानी, अब कोई भी निजी कंपनी या सिंडिकेट सीधे शराब की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएगा।
कैसे सस्ती होगी महंगी शराब और क्यों महंगी होगी देसी?
कीमतों में यह बदलाव टैक्स के नए स्ट्रक्चर की वजह से हो रहा है।
- प्रीमियम ब्रांड सस्ते: पहले की नीति में महंगी विदेशी शराब पर लगने वाले टैक्स की दरें काफी ज्यादा थीं, जिससे उनकी कीमतें पड़ोसी राज्यों की तुलना में बहुत अधिक हो जाती थीं। नई नीति में टैक्स स्लैब को बदला गया है, जिससे प्रीमियम ब्रांड्स जैसे स्कॉच, व्हिस्की और वोदका की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद है।
- देसी हो सकती है महंगी: वहीं, सस्ती और देश में बनने वाली शराब (IMFL) पर टैक्स की दरों में मामूली समायोजन किया गया है, जिससे उनकी कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
क्या हैं इस नीति के बड़े लक्ष्य?
- राजस्व बढ़ाना: सरकार का अनुमान है कि इस नई नीति से राज्य के खजाने में सालाना करोड़ों रुपये का इजाफा होगा।
- माफिया राज खत्म करना: पूरा बिजनेस अपने हाथ में लेकर सरकार का सीधा मकसद शराब सिंडिकेट और माफिया की कमर तोड़ना है।
- अवैध शराब पर रोक: जब पूरा सप्लाई चेन सरकार की निगरानी में होगा, तो राज्य में जहरीली और अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगेगी।
- गुणवत्ता पर नियंत्रण: JSBCL सीधे निर्माताओं से शराब खरीदेगा, जिससे शराब की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम राज्य में शराब के पूरे कारोबार को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाने की एक बड़ी कोशिश है। इसका असर उपभोक्ताओं पर मिला-जुला देखने को मिलेगा - जहां महंगी शराब के शौकीनों के लिए यह अच्छी खबर है, वहीं सस्ती शराब पीने वालों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है।