"बैंक जॉब्स पर CIBIL स्कोर का नया फैसला: जानें कैसे बचें नौकरी से हाथ धोने से"
CIBIL स्कोर-जिसे आमतौर पर ऋण और क्रेडिट कार्ड अप्रूवल के लिए जरूरी माना जाता है-अब बैंकिंग सेक्टर में नौकरी के अवसरों पर भी असर डाल रहा है। हाल ही में संसद में हुई चर्चा में वित्त मंत्री ने इस संबंध में सफाई दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि खराब CIBIL स्कोर आपकी बैंकिंग जॉब की राह में रोड़ा साबित हो सकता है।
CIBIL स्कोर का परिचय और महत्व
CIBIL स्कोर एक तीन अंकों की संख्या होती है, जो 300 से 900 तक हो सकती है। यह स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री-लोन, क्रेडिट कार्ड भुगतान और देयताएँ-को दर्शाता है। यह स्कोर TransUnion CIBIL Limited द्वारा जारी किया जाता है, जिसे पहले क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड कहा जाता था।
भारत के क्रेडिट ब्यूरो
भारत में चार मुख्य क्रेडिट ब्यूरो काम करते हैं:
TransUnion CIBIL Limited
Experian
Equifax
CRIF High Mark
ये संस्थाएँ मिलकर आपकी क्रेडिट योग्यता (creditworthiness) का आंकलन करती हैं।
संसद में उठे सवाल: CIBIL स्कोर और बैंकिंग भर्ती
राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने वित्त मंत्रालय से पूछा:
क्या बैंकिंग जॉब्स के लिए न्यूनतम 650 का CIBIL स्कोर अनिवार्य किया गया है?
क्या सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के उम्मीदवारों की चुनौतियों पर ध्यान दिया, जिनके लिए एजुकेशन लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है?
इन सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया:
CRP-14 (2024-25) भर्ती में 650 का स्कोर अनिवार्य नहीं है।
नियुक्ति से पहले साफ और अपडेटेड क्रेडिट हिस्ट्री दिखानी होगी।
नए नियमों के प्रमुख बिंदु
650 स्कोर की शर्त हटाई गई है, परंतु अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री अनिवार्य है।
यदि आपका CIBIL रिकॉर्ड अपडेटेड नहीं है, तो संबंधित वित्तीय संस्था से NOC (No Objection Certificate) लेना होगा।
बैंक ऑफर लेटर जॉइनिंग के पहले क्रेडिट हिस्ट्री क्लियरेंस के आधार पर रद्द भी कर सकता है।
अंतिम निर्णय बैंक के प्रबंधन के पास रहेगा।
पुराना नियम और उसकी चुनौतियाँ
2023-24 में IBPS (Institute of Banking Personal Selection) ने अपनाई थी 650 स्कोर की शर्त।
इससे मध्यम वर्ग और गरीब उम्मीदवार, विशेषकर एजुकेशन लोन चुकाने वाले छात्र प्रभावित हुए।
सरकार की व्याख्या और उद्देश्य
सरकार का मानना है कि बैंकिंग कर्मचारी जनता के पैसों और संवेदनशील लेनदेन को संभालते हैं।
वित्तीय अनुशासन से बैंक में भरोसा बढ़ता है।
खराब निजी वित्तीय स्थिति वाले कर्मचारी पर विश्वास करना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए CIBIL स्कोर को विश्वसनीयता का पैमाना माना गया।
उम्मीदवारों के लिए सुझाव
समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें।
बिल और लोन की किस्तें समय पर चुकाएं।
यदि कोई गलती हो तो तुरंत क्रेडिट ब्यूरो से सुधार करवाएं।
NOC प्राप्त करने की प्रक्रिया और दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें।