Nepal Political Crisis : सड़कों पर युवाओं का सैलाब और 51 मौतें, मेयर ने दी श्रद्धांजलि
News India Live, Digital Desk: Nepal Political crisis : नेपाल में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर ऐसा उतरा कि देश की सियासत हिल गई. सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि अब तक इसमें 51 लोगों की जान जा चुकी है.इस मुश्किल घड़ी में काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने प्रदर्शन में मारे गए युवाओं को श्रद्धांजलि दी है
मेयर बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, “प्यारी जेन Z, आपके योगदान और बलिदान ने देश में बदलाव लाया है. बहादुर शहीदों को दिल से श्रद्धांजलि.” उन्होंने कहा कि इन युवाओं का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशभक्ति और कर्तव्य का रास्ता दिखाएगा.
क्या है पूरा मामला?
नेपाल में यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ, जब सरकार ने टैक्स और साइबर सुरक्षा का हवाला देकर कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया. देखते ही देखते यह विरोध काठमांडू, पोखरा और बीरगंज जैसे बड़े शहरों में फैल गया. लेकिन यह गुस्सा सिर्फ सोशल मीडिया बैन को लेकर नहीं था. असल में युवा पीढ़ी सरकार के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और नेताओं की आलीशान जीवनशैली से लंबे समय से नाराज थी.
प्रदर्शन हिंसक होने के बाद कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वाले 51 लोगों में से 30 की मौत गोली लगने से हुई, जबकि बाकी लोगों ने चोटों और जलने की वजह से दम तोड़ा मृतकों में एक भारतीय नागरिक और तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
इस बड़े राजनीतिक संकट के बीच नेपाल की संसद को भंग कर दिया गया है और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश का अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है काठमांडू के मेयर बालेन शाह, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं, ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया है. अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि देश में शांति कैसे लौटेगी और युवाओं की मांगों का क्या होगा.