NEET Girl Death Case : सीबीआई जांच में बड़ा ट्विस्ट अब POCSO एक्ट के तहत होगी कार्रवाई, बिहार सरकार ने बदली अधिसूचना
News India Live, Digital Desk : यह बदलाव पटना की एक विशेष अदालत द्वारा सीबीआई को लगाई गई कड़ी फटकार के बाद आया है। कोर्ट ने सवाल उठाया था कि जब पीड़िता नाबालिग थी और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन शोषण के संकेत मिले थे, तो सीबीआई केवल 'हत्या के प्रयास' जैसी धाराओं में जांच क्यों कर रही है।
मामले के मुख्य बिंदु
पुरानी FIR का पेच: पटना पुलिस ने 9 जनवरी 2026 को चित्रगुप्त नगर थाने में जो प्राथमिकी दर्ज की थी, उसमें शुरुआत में पॉक्सो एक्ट की धाराएं शामिल नहीं थीं। जब मामला सीबीआई को सौंपा गया, तो तकनीकी रूप से सीबीआई उसी पुरानी एफआईआर के आधार पर जांच कर रही थी।
कोर्ट की नाराजगी: सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि अगर सीबीआई ने पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया है, तो आरोपी (हॉस्टल मालिक मनीष रंजन) को अभी तक जेल में क्यों रखा गया है? कोर्ट ने इसे जांच की गंभीरता के साथ खिलवाड़ बताया था।
संशोधित अधिसूचना: अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने अपनी पूर्व की अधिसूचना में सुधार किया। अब सीबीआई को पॉक्सो समेत उन सभी धाराओं के तहत जांच करने की शक्ति मिल गई है जो बाद में जोड़ी गई थीं।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा: छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक जांच (FSL) में वीर्य (Sperm) के अंश मिले थे, जिससे बलात्कार की आशंका पुख्ता हुई थी। इसके बावजूद शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बताकर दबाने की कोशिश कर रही थी।
क्या था मामला?
जहानाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा पटना के एक निजी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी 2026 को वह अपने कमरे में बेहोश मिली और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने शुरू से ही हॉस्टल मालिक पर दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो थाना प्रभारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अब आगे क्या?
रिमांड और पूछताछ: पॉक्सो एक्ट जुड़ने के बाद सीबीआई अब आरोपी मनीष रंजन को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
कठोर सजा का प्रावधान: पॉक्सो एक्ट लगने के बाद अब दोषियों को उम्रकैद या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।
न्यायिक निगरानी: कोर्ट इस मामले की प्रगति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और अगली सुनवाई में सीबीआई को अपनी नई प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।