Navratri Day 3: आज ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा, हर डर से मिलेगी मुक्ति
Navratri Day 3: शारदीय नवरात्रि का आज तीसरा दिन है, और यह दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां का यह रूप साहस, वीरता और शांति का प्रतीक है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसीलिए उन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है।
क्यों है मां चंद्रघंटा की पूजा खास?
मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से हर तरह का डर और भय दूर हो जाता है। अगर आपको अज्ञात शत्रुओं का डर सताता है या जीवन में बाधाएं खत्म नहीं हो रही हैं, तो आज की पूजा आपके लिए बहुत फलदायी हो सकती है। मां की कृपा से साधक के सारे पाप और बाधाएं खत्म हो जाती हैं।
ज्योतिष में मां चंद्रघंटा का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है। जिनकी कुंडली में शुक्र कमजोर हो, उन्हें आज मां की पूजा जरूर करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख, समृद्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
आज की पूजा विधि और शुभ रंग
- आज का शुभ रंग: आज के दिन भूरा (Brown) या सोने जैसा चमकीला सुनहरा रंग पहनना बेहद शुभ माना जाता है।
- पूजा की सरल विधि:
- सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और मां चंद्रघंटा का ध्यान करें।
- मां की प्रतिमा को दूध और गंगाजल से स्नान कराएं।
- उन्हें उनका प्रिय कमल का फूल, केसर, और दूध से बनी मिठाई (जैसे खीर या पेड़ा) का भोग लगाएं।
- दीपक जलाकर इस सरल मंत्र का जाप करें: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
- अंत में मां की आरती करें और उनसे अपनी मनोकामना कहें।
क्या है मां का स्वरूप?
मां चंद्रघंटा शेर पर सवार हैं और उनका शरीर सोने की तरह चमकता है। उनकी दस भुजाएं हैं, जिनमें वे त्रिशूल, गदा, तलवार और धनुष-बाण जैसे अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं। उनका यह रूप राक्षसों का संहार करने वाला है, लेकिन अपने भक्तों के लिए वे बेहद शांत और सौम्य हैं।
इस नवरात्रि के तीसरे दिन, पूरी श्रद्धा से मां चंद्रघंटा की पूजा करें और अपने जीवन को भय-मुक्त बनाकर सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त करें।