'टीवीके कोई नई डीएमके नहीं...': बीजेपी के बयान पर तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन का पलटवार, खींची साफ लकीर

'टीवीके कोई नई डीएमके नहीं...': बीजेपी के बयान पर तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन का पलटवार, खींची साफ लकीर

तमिलनाडु की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब राज्य के वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें सत्ताधारी टीवीके (TVK) को 'नई डीएमके' करार दिया गया था। एक इंटरव्यू के दौरान वित्त मंत्री ने दोनों दलों की कार्यशैली और पारिवारिक राजनीति के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचते हुए साफ कर दिया कि टीवीके और डीएमके की राजनीतिक संरचना में जमीन-आसमान का फर्क है।

'हम परिवारवाद का समर्थन नहीं करते'

बीजेपी के तंज का जवाब देते हुए वित्त मंत्री विल्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही कुछ मुद्दों पर राजनीतिक दृष्टिकोण समान हो सकते हैं, लेकिन टीवीके कभी भी डीएमके के पारिवारिक शासन मॉडल का अनुसरण नहीं करती। उन्होंने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा, "उनका परिवार पिछले 40 सालों से सत्ता में है। उनके दादा मुख्यमंत्री रहे, बेटा उपमुख्यमंत्री बना, बहन सांसद रहीं और अन्य रिश्तेदार भी राजनीति के शीर्ष पदों पर काबिज रहे। लेकिन टीवीके में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से पारदर्शी और जनता के लिए समर्पित है।

भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख और टेंडर रद्द करने का दावा

चेन्नई कॉरपोरेशन में कथित ओवरएस्टिमेशन और लॉबिंग के मामलों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 23,000 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द किए गए हैं क्योंकि पिछली प्रणालियों में भ्रष्टाचार की स्थिति 'बहुत बुरी' थी। विल्सन ने बताया कि पहले 'रिवर्स एडमिनिस्ट्रेटिव सैंक्शन' (Reverse Administrative Sanction) का अत्यधिक दुरुपयोग किया जाता था, जहां 100 करोड़ की परियोजना को बाद में अतिरिक्त मंजूरी के जरिए 150 करोड़ तक पहुंचा दिया जाता था। सरकार अब इस पूरी व्यवस्था को बदलकर 'एक डीपीआर के बाद एक टेंडर' की पारदर्शी नीति लागू कर रही है।

आर्थिक विकास और 100 दिनों के भीतर निवेश

राज्य की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। सरकार के शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल में ही राज्य को करीब एक लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश प्राप्त हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति में कदम रखने वाली विल्सन ने वित्तीय अनुशासन और स्थानीय ऑडिट पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का सही उपयोग और पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

तमिल थाई वजथु पर स्पष्ट रुख

सांस्कृतिक और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने 'तमिल थाई वजथु' (राज्य गान) को अनिवार्य बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में सबसे पहले तमिल प्रार्थना ही गाई जानी चाहिए। इस पर विधानसभा में भी प्रस्ताव पारित किया गया है और यह नियम सभी राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

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