4 महीने से परिणाम के इंतजार में भटके हजारों अभ्यर्थी: जानिए क्यों अटके हैं केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षक भर्ती नतीजे और क्या है छात्रों की मांग

4 महीने से परिणाम के इंतजार में भटके हजारों अभ्यर्थी: जानिए क्यों अटके हैं केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षक भर्ती नतीजे और क्या है छात्रों की मांग

देश भर के केंद्रीय विद्यालयों और आवासीय स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। इस साल आयोजित की गई केवीएस (KVS), एनवीएस (NVS) और ईएमआरएस (EMRS) की टियर-II भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित न होने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। लगभग चार महीने यानी 125 से ज्यादा दिन बीत जाने के बावजूद परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से रिजल्ट को लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा जारी नहीं की गई है। इस अनिश्चितता के कारण परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अब सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

मार्च में संपन्न हुई थीं परीक्षाएं, 125 दिनों से अटका है भविष्य

उल्लेखनीय है कि इस साल एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के लिए टियर-2 की परीक्षाएं 20 मार्च 2026 को आयोजित की गई थीं। इसके तुरंत बाद सीबीएसई ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की सेकेंड लेवल की परीक्षाएं 27 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच सफलता पूर्वक संपन्न कराई थीं। नियमानुसार परीक्षाओं के कुछ ही हफ्तों के भीतर उत्तर कुंजी जारी कर परिणाम घोषित कर दिए जाते हैं, लेकिन चार महीने का वक्त गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो बोर्ड की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ है और न ही देरी का कोई स्पष्ट कारण बताया गया है।

शिक्षा मंत्रालय से लेकर CPGRAMS तक गुहार, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ डिजिटल आंदोलन

परिणामों में हो रही अत्यधिक देरी के खिलाफ अब उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर मोर्चा खोल दिया है। अभ्यर्थी #KVSResult, #NVSResult और #EMRSResult जैसे हैशटैग चलाकर सरकार और बोर्ड का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। एक निराश अभ्यर्थी ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री के दफ्तर में ईमेल भेजने के साथ-साथ लोक शिकायत पोर्टल (CPGRAMS) पर भी शिकायत दर्ज कराई है। 14 जुलाई 2026 को शिकायत संबंधित अधिकारी को हस्तांतरित तो कर दी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो कोई जवाब मिला और न ही कोई स्पष्टीकरण। अभ्यर्थियों का कहना है कि 1500 से ज्यादा बार पोस्ट करने के बाद भी जिम्मेदार संस्थानों का पूरी तरह खामोश रहना कतई स्वीकार्य नहीं है।

दुविधा के भंवर में फंसे युवा: आगे की तैयारी करें या दूसरी राह पकड़ें?

रिजल्ट में हो रहे इस लंबे विलंब का सबसे नकारात्मक असर युवाओं के करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण (इंटरव्यू या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की तैयारी करें या किसी अन्य नौकरी के अवसर को स्वीकार करें, इसको लेकर छात्र गहरे असमंजस में हैं। उम्मीदवारों का स्पष्ट रूप से कहना है कि वे केवल किसी आंकड़े का हिस्सा भर नहीं हैं, बल्कि उनका करियर, परिवार और जीवन का अगला कदम इन नतीजों पर निर्भर करता है। यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक वजह से परिणाम में देरी हो रही है, तो सीबीएसई को पारदर्शी तरीके से इसकी वजह सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि युवाओं का अमूल्य समय अनिश्चितता की भेंट न चढ़े।

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