मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! धर्मेंद्र प्रधान से लेकर इन दिग्गज मंत्रियों पर मंडरा रहे बदलाव के बादल
मंत्रिमंडल में बदलाव की सुगबुगाहट: राष्ट्रपति से मुलाकातों ने बढ़ाई सरगर्मी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हालिया मुलाकात और गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति से हुई बातचीत ने राजनीतिक हलकों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलों को हवा दे दी है। संकेत मिल रहे हैं कि मोदी सरकार 3.0 में अब बड़े प्रशासनिक और संगठनात्मक बदलाव की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही यह फेरबदल संभव है, जिसे प्रधानमंत्री के अंतरराष्ट्रीय दौरों के बीच एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अब पदाधिकारियों की नई सूची को अंतिम रूप दे चुका है, जिसमें 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत को सख्ती से लागू करने की संभावना है।
धर्मेंद्र प्रधान समेत कई बड़े दिग्गजों पर नजरें मंत्रिमंडल में फेरबदल की सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा मंत्रालय को लेकर हो रही है। NEET पेपर लीक और CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े विवादों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। उनके विभाग में बदलाव या मंत्रालय से छुट्टी की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सिर्फ शिक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी जैसे दिग्गज नेताओं के विभागों में बदलाव या पुनर्गठन पर भी मंथन जारी है। भाजपा नेतृत्व इन बदलावों के जरिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश में है।
नई टीम और नए चेहरों की एंट्री की तैयारी कैबिनेट फेरबदल के साथ-साथ भाजपा अपनी नई संगठनात्मक टीम की घोषणा भी कर सकती है, जिसकी कमान अध्यक्ष नितिन नवीन के हाथ में होगी। चर्चाएं यह भी हैं कि कई युवा चेहरों को संगठन और सरकार में प्रमुख जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। संभावित नामों में नीतीश कुमार, तरुण चुघ, राघव चड्ढा और श्रीकांत शिंदे जैसे राजनेताओं के मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाएं हैं। वहीं, मनोहर लाल खट्टर और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नेताओं के भविष्य पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, भाजपा ने आधिकारिक तौर पर किसी नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम के बाद जुलाई के मध्य तक इन बदलावों के धरातल पर उतरने की पूरी संभावना है