Sanjay Singh Warning To BJP: 'कंगना को समझाओ वरना युवा तुम्हारी सरकार गटर में डाल देगा', AAP सांसद संजय सिंह का भाजपा पर तीखा हमला
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के एक विवादित बयान को लेकर सत्ताधारी दल पर जमकर निशाना साधा है। संजय सिंह ने कंगना रनौत द्वारा छात्रों और युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बीजेपी नेतृत्व को स्पष्ट चेतावनी दी है।
आप सांसद ने कहा कि देश का युवा सड़कों पर अपने हक, रोजगार और बेहतर शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन बीजेपी के नेता उनके प्रति असंवेदनशील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
'युवाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा देश' - संजय सिंह का बयान
संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए और सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा:
"बीजेपी सांसद कंगना रनौत जिस तरह से देश के भविष्य और आंदोलनकारी छात्रों के लिए 'गटर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, वह बेहद शर्मनाक है। भाजपा नेतृत्व को तुरंत अपनी सांसद को समझाना चाहिए और उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की नसीहत देनी चाहिए। अगर युवाओं का इस तरह अपमान जारी रहा, तो देश का आक्रोशित युवा आपकी सरकार को उखाड़कर गटर में फेंक देगा।"
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और जब छात्र अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन्हें अपमानित करने का काम किया जाता है।
कंगना रनौत के किस बयान पर बढ़ा विवाद?
हाल ही में हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक कार्यक्रम और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्ष की राजनीति को लेकर तल्ख टिप्पणी की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के रवैये की तुलना नकारात्मकता और 'गटर' की राजनीति से कर दी थी, जिसके बाद से ही राजनीतिक हलकों में घमासान मचा हुआ है।
विपक्षी दलों—कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और छात्र संगठनों ने उनके इस बयान को देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों का सीधा अपमान करार दिया है और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
छात्र राजनीति और आगामी चुनावों पर असर
संजय सिंह के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #SanjaySingh, #KanganaRanaut और #StudentProtest जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। आगामी राज्य विधानसभा चुनावों और विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों को देखते हुए इस बयानबाजी ने राजनीतिक पारे को और चढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को युवाओं के सम्मान और रोजगार से जोड़कर भुनाने की कोशिश में जुट गई है।