लोहागढ़ किला मर्डर केस में नया मोड़: सिया और चेतन की शादी की खबरों पर वकील का बड़ा बयान
पुणे: महाराष्ट्र के लोनावला क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुए हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला कानूनी और डिजिटल मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल के बचाव पक्ष के वकील विपुल दुशिंग ने उन तमाम मीडिया दावों और स्थानीय खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि सिया ने मंगेतर की हत्या से पहले ही अपने प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी (22) के साथ गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। एडवर्टाइजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही इन खबरों को वकील ने 'पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत' करार देते हुए एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
इससे पहले जांच के शुरुआती दौर में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों आरोपियों ने करीब चार महीने पहले अपने-अपने परिवारों से बगावत कर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बचाव पक्ष इस समय कोर्ट में आरोपियों की छवि को और बिगड़ने से बचाने के लिए इन वैवाहिक दावों का खंडन कर रहा है, क्योंकि शादी की बात साबित होने पर हत्या की साजिश (Criminal Conspiracy) का मोटिव और ज्यादा मजबूत हो जाता है।
क्या है लोहागढ़ किले की वो खूनी दास्तान? मंगेतर को ही धकेल दिया था खाई में
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले आपराधिक घटनाक्रम की शुरुआत इसी साल 18 जून को हुई थी, जब पुणे जिले के प्रसिद्ध ट्रेकिंग और पर्यटन स्थल लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई से 25 वर्षीय सफल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल का शव बरामद किया गया था। शुरुआत में इसे एक दर्दनाक ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, लेकिन जब स्थानीय पुलिस और साइबर सेल ने गहराई से जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।
फॉरेंसिक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। पुलिस चार्जशीट के अनुसार, सिया गोयल और उसके गुप्त प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले की सबसे ऊंची चोटी पर बुलाया और वहां से उसे सीधे नीचे गहरी खाई में धकेल दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि मृतक केतन और आरोपी सिया की इसी साल नवंबर के महीने में शाही अंदाज में शादी होने वाली थी और दोनों परिवारों में जश्न का माहौल था।
स्नैपचैट चैट से खुला सबसे बड़ा राज: 'शादी तो वैसे भी नहीं होने वाली...'
इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ अब एक ऐसा अकाट्य डिजिटल सबूत लगा है, जिसने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है। तकनीकी विश्लेषकों ने सिया गोयल के स्मार्टफोन से एक डिलीट हो चुका स्नैपचैट (Snapchat) मैसेज रिकवर किया है, जो उसने मर्डर से ठीक एक महीने पहले यानी मई में अपनी एक बेहद करीबी सहेली को भेजा था।
इस चैट में सिया ने अपनी सहेली से नवंबर में उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए ट्रैवल और होटल टिकट बुकिंग का बहाना बनाया था। सिया ने सहेली से उसके पहचान दस्तावेज की तस्वीरें मांगते हुए आगे जो लिखा, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। सिया का वह कथित स्नैपचैट मैसेज कुछ इस तरह था—"शादी के टिकटों के लिए अपने पहचान दस्तावेज के आगे और पीछे की फोटो भेज दो, जो कि वैसे भी नहीं होने वाली है, लेकिन फिर भी फॉर्मेलिटी के लिए भेज दो।" इस मैसेज से साफ जाहिर होता है कि सिया को मई के महीने में ही मालूम था कि नवंबर में होने वाली यह शादी कभी नहीं होगी, क्योंकि वह केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बना चुकी थी।
सहेली की बढ़ेगी मुश्किलें: तकनीकी फॉरेंसिक जांच में जुटा साइबर सेल
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, केतन का परिवार उस समय शादी की तैयारियों में पूरी शिद्दत से लगा हुआ था और देश-विदेश से आने वाले मेहमानों व रिश्तेदारों के लिए फ्लाइट और ट्रेन टिकटिंग की एडवांस बुकिंग कर रहा था। इसी प्रक्रिया के तहत अग्रवाल परिवार ने सिया के जरिए उसके दोस्तों की सूची और जरूरी दस्तावेज मंगवाए थे, जिसका फायदा उठाकर सिया ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
लोकल पुलिस अब सिया की उस सहेली को समन भेजकर कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसके अकाउंट पर यह मैसेज भेजा गया था। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उस सहेली को केतन की हत्या की इस खौफनाक प्लानिंग की भनक पहले से थी या वह भी केवल अनजाने में इस पूरी साजिश का हिस्सा बन गई। फिलहाल इस स्नैपचैट डेटा की तकनीकी और सर्वर-स्तरीय प्रामाणिकता की जांच के लिए इसे सरकारी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा गया है।
अग्रवाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: पोते के गम में दादा ने तोड़ा दम
इस भीषण और अकल्पनीय आपराधिक त्रासदी ने हंसते-खेलते अग्रवाल परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। जवान बेटे के मर्डर के गहरे सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार की शाम को केतन के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से एक निजी अस्पताल में दुखद निधन हो गया।
पारिवारिक मित्रों और करीबियों ने बताया कि जब से पोते केतन की निर्मम हत्या की खबर सामने आई थी, तब से बुजुर्ग दादा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और वे गहरे मानसिक आघात में चले गए थे। पिछले कुछ दिनों से उन्हें आईसीयू में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन आखिरकार वे जिंदगी की जंग हार गए। इस दोहरी मौत के बाद पूरे इलाके में सिया और चेतन के खिलाफ भारी जन-आक्रोश देखा जा रहा है और लोग फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोनों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।