पश्चिम बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: कॉर्पोरेट कंपनी के 139 बैंक खाते फ्रीज, छापेमारी में 3 लग्जरी गाड़ियां और बेहिसाब नकदी जब्त; मचा हड़कंप
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक प्रमुख कॉर्पोरेट कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने व्यापक स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध फंड डायवर्जन और हवाला नेटवर्क के जरिए धन शोधन के गंभीर आरोपों के आधार पर कंपनी और उसके सिंडिकेट से जुड़े 139 बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) कर दिया है। कोलकाता और आसपास के कई संवेदनशील जिलों में एक साथ की गई इस मैराथन छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों ने कंपनी के कर्ता-धर्ताओं द्वारा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई तीन बेहद महंगी लग्जरी गाड़ियां, भारी मात्रा में नकदी, डिजिटल उपकरण और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एजेंसी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद राज्य के कॉर्पोरेट और राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।
राज्य भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी और बरामदगी का पूरा ब्योरा
एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की विशेष टीमों ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) के कड़े सुरक्षा घेरे में कोलकाता के साल्ट लेक, न्यू टाउन, अलीपुर और पार्क स्ट्रीट सहित हावड़ा और उत्तर 24 परगना स्थित कंपनी के पंजीकृत कॉर्पोरेट कार्यालयों, शाखाओं और निदेशकों के आलीशान निजी आवासों पर एक साथ धावा बोला। जांच टीम ने कई दिनों की रेकी और वित्तीय इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यह समन्वित तलाशी अभियान शुरू किया था। घंटों चली सघन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी के कर्ता-धर्ता विदेशों और विभिन्न फर्जी कंपनियों में पैसे भेजने के लिए एक समानांतर बैंकिंग व्यवस्था चला रहे थे। छापेमारी स्थल से मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल फंड हेरफेर के मुख्य आरोपी अपनी बेनामी संपत्तियों के दौरों के लिए कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर, हार्ड ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल फोन से भारी मात्रा में एन्क्रिप्टेड डेटा बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
139 बैंक अकाउंट फ्रीज: शेल कंपनियों और डमी निदेशकों का विशाल मकड़जाल
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक खातों के विश्लेषण से सामने आया है। एजेंसी ने प्राथमिक जांच में पाया कि इस कंपनी ने साधारण आमदनी वाले गरीब और अनजान लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का दुरुपयोग कर दर्जनों मुखौटा या शेल कंपनियां (Shell Companies) पंजीकृत करा रखी थीं। इन कंपनियों के नाम पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में 139 अलग-अलग खाते खोले गए थे, जिनमें लेन-देन की कुल मात्रा करोड़ों रुपये तक पहुंचती है। इन खातों में भारी मात्रा में नकद जमा (Cash Deposits) कराया जाता था और फिर लेयरिंग (Layering) की तकनीक के जरिए पैसे को कई खातों में घुमाकर मुख्य कंपनी के बही-खातों में वैध निवेश या अनसिक्योर्ड लोन के रूप में दिखाया जाता था। जांच अधिकारियों ने मनी ट्रेल को और आगे फैलने से रोकने के लिए बैंकिंग तंत्र को नोटिस भेजकर सभी 139 खातों के संचालन पर तत्काल पूर्ण रोक लगा दी है, जिससे कंपनी की करोड़ों रुपये की कार्यशील पूंजी अटक गई है।
निवेशकों की गाढ़ी कमाई की ठगी और अवैध डायवर्जन का पूरा खेल
ईडी की यह कार्रवाई राज्य पुलिस और केंद्रीय वित्तीय जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिक प्राथमिकियों (FIRs) और शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर आकर्षक ब्याज दरों, रियल एस्टेट निवेश और पोंजी-स्टाइल उच्च रिटर्न योजनाओं का झांसा देकर हजारों आम निवेशकों और मध्यमवर्गीय परिवारों से भारी धनराशि जुटाई थी। जब निवेशकों की परिपक्वता (Maturity) का समय आया, तो कंपनी प्रबंधन ने भुगतान में डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया और फंड को दूसरी सहयोगी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया। बैंक ऋणों के मद में स्वीकृत करोड़ों रुपये की पूंजी को भी तय व्यावसायिक परियोजनाओं में लगाने के बजाय निजी विलासिता, महंगी कारों की खरीद और बेनामी अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में खर्च कर दिया गया था।
हवाला चैनलों और सीमा पार वित्तीय लेन-देन की जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गया है। पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटी होने के कारण एजेंसी को आशंका है कि इन 139 बैंक खातों से निकाली गई नकदी का एक बड़ा हिस्सा अनौपचारिक हवाला ऑपरेटरों के जरिए सीमा पार विदेशी खातों या टैक्स हेवन देशों में ट्रांसफर किया गया हो सकता है। जब्त किए गए कंप्यूटरों से कई विदेशी ट्रांजेक्शन आईडी, बेनामी इनवॉइस और फर्जी बिलिंग के पुख्ता सुराग मिले हैं। ईडी ने कंपनी के मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और वित्तीय सलाहकारों को भी जांच के दायरे में ले लिया है, जिन्होंने इस पूरे शेल कंपनी नेटवर्क को डिजाइन करने में कानूनी और तकनीकी मदद मुहैया कराई थी।
निदेशकों को समन और कड़े पीएमएलए प्रावधानों के तहत आगे की तैयारी
बैंक खातों को फ्रीज करने और चल संपत्तियों की जब्ती के बाद ईडी ने कंपनी के निदेशकों, शेयरधारकों और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारियों (KMPs) को पूछताछ के लिए सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) के जोनल कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए सख्त कानूनी समन जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं करते हैं या जब्त किए गए फंड और लग्जरी वाहनों के खरीद स्रोतों का वैध हिसाब नहीं दे पाते हैं, तो पीएमएलए की धारा 19 के तहत उनकी औपचारिक गिरफ्तारी भी की जा सकती है। इसके साथ ही, एजेंसी द्वारा आने वाले दिनों में कंपनी की बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक प्लॉट्स और अन्य अचल परिसंपत्तियों को कुर्क (Provisional Attachment) करने के लिए नोटिस तैयार किए जा रहे हैं।