IMD Weather Alert: देश के मौसम में अनोखा विरोधाभास! 18 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, यूपी-बिहार में ऑरेंज चेतावनी; तो गुजरात-राजस्थान में चलेगी लू
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 14 जुलाई 2026 को देश के मौसम को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक बुलेटिन जारी किया है. इस समय भारत के भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम का एक अजीब और अभूतपूर्व विरोधाभास (Contradiction) देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ देश का एक बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की विभीषिका झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य इस जुलाई के महीने में भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से तप रहे हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के ऊपर एक अत्यंत मजबूत चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है और साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी दस्तक दे रहा है. इन दोनों प्रणालियों के आपस में टकराने के कारण 20 जुलाई 2026 से मानसून पूरे देश में एक बार फिर अपना भयानक और रौद्र रूप दिखाने वाला है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार आफत; ऑरेंज अलर्ट जारी
पूर्वांचल और गंगा के मैदानी इलाकों में मानसून की सक्रियता अचानक बढ़ गई है:
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उत्तर प्रदेश का हाल: यूपी के 22 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इनमें से 8 जिलों में अत्यधिक भारी और 5 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. हाल ही में गोरखपुर में रिकॉर्ड 168 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं. हालांकि, विरोधाभास यह है कि राज्य में 1 जून से अब तक औसत से 17% कम बारिश दर्ज की गई है.
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बिहार में अलर्ट: बिहार के 27 जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है. मानसून के बादल अब धीरे-धीरे पूर्वोत्तर की तरफ बढ़ रहे हैं, लेकिन बिहार में अगले चार दिनों तक मध्यम बारिश जारी रहेगी. बिहार में भी इस बार सामान्य से 47% कम वर्षा हुई है.
पहाड़ों में मची तबाही: उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा रुकी
पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है:
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बंद हुए हाईवे: उत्तराखंड के देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट है. लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslides) के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे सहित दो बड़े नेशनल हाईवे और 126 संपर्क मार्ग मलबे के कारण पूरी तरह ठप हैं. विकासनगर के लखवाड़ प्रोजेक्ट साइट पर भारी मलबा गिरने से निर्माण कार्य में लगी क्रेन और मशीनें दब गई हैं.
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यात्रा पर रोक: पहाड़ों में लगातार गिरते मलबे और खराब रास्ते को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया है, ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सके.
मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा: यमुना नदी खतरे के निशान के पार
जैसे किसी अनियंत्रित वित्तीय बाजार में अचानक जोखिम बढ़ जाता है, वैसे ही पहाड़ों की बारिश से मैदानी राज्यों की नदियों का जलस्तर अनियंत्रित हो गया है:
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दिल्ली-हरियाणा हाई अलर्ट: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के कारण हरियाणा की यमुना और मारकंडा नदियां पूरे उफान पर हैं, जिससे तटवर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इसका सीधा असर देश की राजधानी दिल्ली पर पड़ा है, जहां यमुना नदी खतरे के निशान (Danger Mark) को पार कर चुकी है. दिल्ली में नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से चार बच्चों के बहने की बेहद दर्दनाक घटना भी सामने आई है.
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पंजाब का पूर्वानुमान: पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट सहित करीब 13 जिलों में आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है.
राजस्थान और गुजरात में मानसून सुस्त; चलेगी भीषण लू
एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा पानी-पानी है, वहीं पश्चिमी भारत में सूखे जैसे हालात हैं:
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धूल भरी आंधियां: राजस्थान और गुजरात में मानसून की गति पूरी तरह से धीमी पड़ चुकी है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है. यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शुष्क और धूल भरी आंधियां चलेंगी.
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जुलाई में लू का सितम: राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के इलाकों में मानसून न पहुंचने के कारण तापमान में भारी बढ़ोतरी होगी और लोगों को इस उमस भरे महीने में भी भीषण लू (Heatwave) का सामना करना पड़ेगा.
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छत्तीसगढ़ में राहत: इसके विपरीत मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह मेहरबान है. राजधानी रायपुर सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी रहने वाला है.