IMD Monsoon Weather Alert: 80 की रफ्तार से चलेगी आंधी, 20 से अधिक राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट; दिल्ली से बंगाल तक बदलेगा मौसम का मिजाज
देश भर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर प्रचंड और आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने के चलते मौसम प्रणालियों में भारी हलचल देखी जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के 20 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात (Lightning) और मूसलाधार बारिश का व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई मैदानी और तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा और अगले 48 से 72 घंटों में मौसम में तेज बदलाव देखने को मिलेगा।
उत्तर और पूर्वी भारत में बादलों का डेरा: दिल्ली-एनसीआर से बंगाल तक झमाझम
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के गंगा तटीय मैदानी इलाकों में मॉनसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं।
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी: राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।
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उत्तर प्रदेश और बिहार में वज्रपात का खतरा: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) की गंभीर चेतावनी दी गई है, जिसके चलते किसानों और आम लोगों को खुले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।
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पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी वर्षा: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम के असर से कोलकाता, हावड़ा, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग समेत पूरे पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में तेज तूफानी हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ों पर भूस्खलन का अलर्ट: हिमाचल और उत्तराखंड में सतर्कता
पहाड़ी राज्यों में मॉनसून की यह नई लहर आफत बनकर उभर सकती है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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उत्तराखंड में रेड और ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर में अत्यधिक भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और चट्टानें खिसकने के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करने को कहा गया है।
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हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: शिमला, कुल्लू-मनाली, कांगड़ा और मंडी में तेज बारिश के साथ 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और मलबा गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मध्य और पश्चिमी भारत: राजस्थान, एमपी और गुजरात में सिस्टम का असर
मॉनसून का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मध्य और पश्चिमी राज्यों में भी अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है:
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मध्य प्रदेश में सिस्टम एक्टिव: भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा, गुना और जबलपुर समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई बांधों के गेट खोले जाने की संभावना के चलते निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
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राजस्थान में तेज अंधड़ और बारिश: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान (जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर) में 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झमाझम बारिश के आसार हैं। रेगिस्तानी इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
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गुजरात और महाराष्ट्र: सौराष्ट्र, कच्छ, दक्षिण गुजरात और कोंकण-मुंबई बेल्ट में रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे समंदर में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश
पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में लगातार हो रही बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर उफान पर है। दक्षिण भारत के राज्यों—कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु में भी पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
खराब मौसम के दौरान क्या करें और क्या न करें: IMD की सुरक्षा एडवाइजरी
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पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: 80 किमी/घंटे की तूफानी हवाओं के दौरान कमजोर पेड़, होर्डिंग्स और बिजली के तार टूटकर गिर सकते हैं। आंधी के समय किसी भी पुराने पेड़ या टिन शेड के नीचे शरण न लें।
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बिजली चमकने पर खुले में न रुकें: यदि आप सफर में हैं या खुले मैदान में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान में जाएं। पानी के स्रोतों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
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जलभराव वाले रास्तों से बचें: भारी बारिश के दौरान शहरों में अंडरपास और निचले रास्तों पर जलभराव की समस्या हो सकती है। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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किसानों के लिए सलाह: तेज हवा और पानी भरने की आशंका को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित शेड में रखें और खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करें।