चीन से कितनी ताकतवर है भारतीय वायुसेना? ग्लोबल रैंकिंग में ड्रैगन पस्त, पाकिस्तान का स्कोर देख उड़ जाएंगे होश
भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी रणनीतिक और लड़ाकू क्षमता का लोहा मनवाया है। रक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) द्वारा जारी ताजा 'ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग' में भारतीय वायुसेना को दुनिया की छठी सबसे शक्तिशाली हवाई ताकत घोषित किया गया है। इस रैंकिंग का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि भारत ने अपने पड़ोसी और धुर विरोधी देश चीन को हवाई मारक क्षमता और आधुनिकता के मामले में पीछे छोड़ दिया है। वहीं, इस लिस्ट में पाकिस्तान की हालत बेहद पतली नजर आ रही है।
दुनिया की टॉप एविएशन फोर्सेज में किसका है दबदबा और नंबर वन कौन?
वैश्विक स्तर पर हवाई ताकत के मामले में महाशक्ति अमेरिका का एकतरफा दबदबा कायम है। दुनिया की टॉप-5 सबसे मजबूत एविएशन फोर्सेज में से चार अकेले अमेरिका की ही अलग-अलग विंग्स हैं। इस सूची में पहले स्थान पर यूनाइटेड स्टेट्स एयरफोर्स (USAF) है, जो 242.9 के सर्वोच्च 'ट्रू-वैल्यू रेटिंग' (TvR) स्कोर और 5,004 लड़ाकू व सहायक विमानों के साथ शीर्ष पर है।
इसके बाद दूसरे नंबर पर अमेरिकी नेवी, तीसरे पर रूसी एयरफोर्स, चौथे पर अमेरिकी आर्मी और पांचवें स्थान पर अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का कब्जा है। हालांकि, अगर सेनाओं की आंतरिक एविएशन विंग्स को हटाकर विशुद्ध रूप से केवल देशों की मुख्य वायुसेनाओं के बीच तुलना की जाए, तो अमेरिका और रूस के ठीक बाद भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी और शक्तिशाली वायुसेना के रूप में उभरता है।
कम एयरक्राफ्ट होने के बाद भी ड्रैगन से आगे कैसे निकला भारत?
आंकड़ों के लिहाज से यह मुकाबला बेहद दिलचस्प है। ओवरऑल रैंकिंग में भारतीय वायुसेना 69.4 TvR स्कोर के साथ छठे पायदान पर है, जबकि चीनी वायुसेना (PLAAF) 63.8 TvR स्कोर के साथ सातवें स्थान पर खिसक गई है। अगर सिर्फ विमानों की संख्या को देखें, तो चीन के पास 3,733 सक्रिय लड़ाकू विमान हैं, जो भारत के 1,716 विमानों के बेड़े से दोगुने से भी कहीं ज्यादा हैं। इसके बावजूद भारत ने चीन को तकनीकी रूप से मात दे दी है।
इसकी मुख्य वजह WDMMA का मूल्यांकन करने का अनोखा फॉर्मूला है। यह संस्था केवल विमानों की गिनती नहीं करती, बल्कि 'ट्रू-वैल्यू रेटिंग' (TvR) के आधार पर सेना की वास्तविक मारक क्षमता को मापती है। इस फॉर्मूले में बेड़े का आधुनिकरण, लॉजिस्टिकल सपोर्ट, कठिन परिस्थितियों में ट्रेनिंग, हमला और रक्षा करने की रणनीतिक क्षमता के साथ-साथ फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर्स के सटीक संतुलन को परखा जाता है। भारतीय वायुसेना के पास 4.5 जनरेशन के सुखोई (Su-30MKI), फ्रांस निर्मित राफेल और स्वदेशी तेजस का ऐसा घातक और संतुलित मिश्रण है, जो युद्ध की स्थिति में चीन पर गुणात्मक रूप से भारी पड़ता है।
टॉप-15 से भी बाहर हुआ पाकिस्तान, जानिए कहां ठहरती है पाक वायुसेना
स्वयं को भारत के समकक्ष दिखाने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान की हवा इस ग्लोबल लिस्ट में पूरी तरह निकल चुकी है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) वैश्विक स्तर पर टॉप-10 या टॉप-15 में भी अपनी जगह सुरक्षित करने में नाकाम रही है। पूरी सूची में पाकिस्तान 879 सक्रिय एयरक्राफ्ट और महज 46.3 के कमजोर TvR स्कोर के साथ 18वें पायदान पर संघर्ष करता नजर आ रहा है, जो भारत की ताकत के सामने बेहद बौना है।
भारतीय नौसेना और थल सेना की एविएशन विंग ने भी गाड़े झंडे
WDMMA की इस विस्तृत रिपोर्ट में भारत की अन्य दो सेनाओं की हवाई ताकत की भी सराहना की गई है। भारतीय नौसेना (Indian Navy) की एविएशन विंग 232 विमानों और 41.2 TvR स्कोर के साथ दुनिया में 27वें स्थान पर है। वहीं, भारतीय थल सेना (Indian Army) की एविएशन यूनिट 540 विमानों और 30.0 TvR स्कोर के साथ 36वें स्थान पर मजबूती से टिकी है।
तुलना की बात करें तो चीन की नेवी इस सूची में जरूर 15वें स्थान पर है, लेकिन 107 सैन्य इकाइयों वाली इस वैश्विक फिफ्टी-लिस्ट में पाकिस्तान की नेवी या आर्मी की एविएशन विंग अपनी जगह तक नहीं बना पाई हैं। यह ताजा रिपोर्ट साफ संदेश देती है कि आधुनिक दौर के आसमान में जंग केवल विमानों की 'संख्या' से नहीं, बल्कि 'सटीकता, गुणवत्ता और लड़ाकू अनुभव' से जीती जाती है।