एयर इंडिया टर्बुलेंस: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर सरकार सख्त, CEO कैंपबेल विल्सन तलब
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट (AI2379) में हवा के बीच हुए भीषण टर्बुलेंस और सुरक्षा से जुड़ी लगातार आ रही चिंताओं पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को दिल्ली मुख्यालय तलब कर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है, जिसमें एयरलाइन के कामकाज और सुरक्षा मानकों को लेकर तीखे सवाल किए गए।
उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा मानकों की हुई गहन समीक्षा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस आपातकालीन समीक्षा बैठक में एविएशन सेक्टर के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के शीर्ष अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक के दौरान एयर इंडिया के बेड़े में सुरक्षा मानकों, रखरखाव प्रोटोकॉल और हाल ही में सामने आई घटनाओं से निपटने की एयरलाइन की कार्यप्रणाली की बेहद गहन समीक्षा की गई। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यात्रियों की जान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निपटा जाए।
क्या है 4 अगस्त की AI2379 फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI2379 (एयरबस A320) के दौरान हुए भयानक हादसे के बाद गहराया है। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट तक नीचे आ गया था, जिसके बाद यात्रियों में भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी। इस विमान में तीन बच्चों समेत कुल 137 यात्री और आठ क्रू मेंबर सवार थे।
शुरुआत में एयर इंडिया ने इस घटना को मामूली अशांति और ऊंचाई में आए छोटे बदलाव के तौर पर पेश किया था। हालांकि, हालात की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने इसे "गंभीर घटना" घोषित कर इसकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी। फिलहाल विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को सुरक्षित रखकर उनके तकनीकी विश्लेषण का काम तेजी से किया जा रहा है।
यात्रियों की इंजरी और एयरलाइन का आधिकारिक बयान
इस भयानक टर्बुलेंस के कारण लैंडिंग के बाद कुल 13 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा था। एयर इंडिया की तरफ से बाद में जानकारी दी गई कि पांच यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य का इलाज और डॉक्टरी निगरानी अभी भी जारी है।
ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से भी यह पुष्टि हुई है कि उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक खतरनाक गिरावट आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विमान के केबिन के भीतर हुआ नुकसान साफ देखा जा सकता है। यात्रियों ने रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव साझा करते हुए बताया कि विमान अचानक नीचे गिरा और कई मिनट तक लगातार जोरदार झटके लगते रहे। एयरलाइन ने कहा है कि वह सभी प्रभावित यात्रियों और क्रू सदस्यों को हर संभव सहायता मुहैया करा रही है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।