Gold Silver Price Today 25 July 2026: दिल्ली से मुंबई तक धड़ाम से गिरी सोने-चांदी की कीमत! जानें अपने शहर के ताजा रेट

Gold Silver Price Today 25 July 2026: दिल्ली से मुंबई तक धड़ाम से गिरी सोने-चांदी की कीमत! जानें अपने शहर के ताजा रेट

देशभर के सराफा बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। 25 जुलाई 2026 की सुबह राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिल्ली में 24 कैरेट सोना फिसलकर ₹1,44,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि एक दिन पहले ही इसमें ₹2,000 की भारी नरमी दर्ज की गई थी।

घरेलू बाजार में कमजोर खरीदारी और स्थानीय मांग में आई सुस्ती के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) $4,052.78 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आने के कारण वैश्विक बाजार में सोने को हल्का सहारा मिला है, लेकिन घरेलू बाजार में कमजोरी हावी है।

देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट (₹/10 ग्राम)

शहर 22 कैरेट सोने का भाव (₹) 24 कैरेट सोने का भाव (₹)
दिल्ली ₹1,32,440 ₹1,44,470
मुंबई ₹1,32,290 ₹1,44,320
कोलकाता ₹1,32,290 ₹1,44,320
चेन्नई ₹1,32,290 ₹1,44,320
लखनऊ ₹1,32,440 ₹1,44,470
जयपुर ₹1,32,440 ₹1,44,470
अहमदाबाद ₹1,32,340 ₹1,44,370
भोपाल ₹1,32,340 ₹1,44,370
चंडीगढ़ ₹1,32,440 ₹1,44,470
हैदराबाद ₹1,32,290 ₹1,44,320

चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी (Silver) की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 25 जुलाई की सुबह घरेलू बाजार में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है, जबकि इससे पहले दिल्ली सराफा बाजार में चांदी ₹5,000 तक टूट चुकी है।

वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर मामूली बढ़त के साथ $58.11 प्रति औंस और प्लेटिनम $1,587.17 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

क्यों बदलती हैं सोने-चांदी की कीमतें?

भारत में सोने और चांदी के भाव केवल घरेलू मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करते, बल्कि इन मुख्य कारकों से भी तय होते हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक स्थिति व अंतरराष्ट्रीय दरें: अमेरिका और वैश्विक बाजारों में ब्याज दरों का असर।

  2. डॉलर-रुपया विनिमय दर: भारतीय रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी।

  3. कच्चे तेल की कीमतें: ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले उतार-चढ़ाव।

  4. इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स: भारत सरकार द्वारा लगाए जाने वाले सीमा शुल्क और स्थानीय वैट (VAT)/जीएसटी।

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