फ्रॉम सीएम टू पीएम: प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल का सफर, कैबिनेट ने पारित किया 10 सूत्रीय प्रस्ताव

फ्रॉम सीएम टू पीएम: प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल का सफर, कैबिनेट ने पारित किया 10 सूत्रीय प्रस्ताव

भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष के निरंतर नेतृत्व को पूरा करने पर एक महत्वपूर्ण अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मंत्रिमंडल ने इस यात्रा को मात्र एक औपचारिक सम्मान से कहीं अधिक 'राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम' के मूल सिद्धांतों से निर्देशित एक असाधारण और प्रेरणादायक यात्रा करार दिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि गुजरात में जनता द्वारा लगातार मिले तीन बड़े जनादेश और उसके बाद केंद्र में तीन बार लोकसभा चुनावों में मिले भारी समर्थन के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की जनता के अटूट विश्वास को दर्शाती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति में नए आयाम

पारित किए गए इस 10 सूत्रीय प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे फैसलों के माध्यम से देश की रक्षा नीति की नई सीमाएं तय करने के लिए उनकी विशेष प्रशंसा की गई है। इसके साथ ही ऐतिहासिक अनुच्छेद 370 को हटाना, 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) योजना को लागू करना, देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद का सृजन करना, माओवादी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और पूर्वोत्तर भारत में स्थायी शांति के प्रयास इस नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति को बयां करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती साख और कूटनीतिक सफलता का जिक्र करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि विभिन्न वैश्विक मतभेदों के बावजूद देशों के बीच आपसी सहयोग स्थापित करने में प्रधानमंत्री की अहम भूमिका रही है। जी20 और ब्रिक्स सम्मेलनों में सर्वसम्मति का निर्माण करना, वैश्विक स्तर पर विकासशील तथा पिछड़े देशों के हितों का जोरदार समर्थन करना और अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनाना उनके दूरदर्शी कूटनीतिक नेतृत्व को दुनिया के सामने रखता है। दुनिया के 36 से अधिक देशों द्वारा प्रधानमंत्री को दिए गए सर्वोच्च सम्मान वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते प्रभाव की गवाही देते हैं।

जमीनी अनुभव से लेकर गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण तक

प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर बात करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि उनके राजनीतिक जीवन के केंद्र में हमेशा विकास और आम जनमानस का कल्याण रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ विकास का यह दृष्टिकोण आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में पूरे भारत में एक बड़े कैनवास पर फैल चुका है। अपने व्यक्तिगत जीवन में गरीबी के संघर्षों को बहुत करीब से देखने वाले प्रधानमंत्री के दिल में गरीबों के प्रति जो करुणा है, उसने आज सरकारी योजनाओं का रूप ले लिया है। देश के करोड़ों गरीबों के लिए पक्के घर, घर-घर नल से जल, जनधन बैंक खाते और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सेवाओं ने आम जनता के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है।

इसके अलावा, समाज के सभी वर्गों के सशक्तिकरण और उनके लिए प्रगति के नए द्वार खोलने का श्रेय भी इस 25 साल के कार्यकाल को जाता है। 'लखपति दीदी' योजना से लेकर महिलाओं के लिए विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों ने देश की तस्वीर बदल दी है।

कड़े सुधार और डिजिटल क्रांति से मजबूत हुआ 'आत्मनिर्भर भारत'

राजनीतिक जोखिमों की परवाह किए बिना देशहित में बड़े और कड़े फैसले लेने की उनकी प्रतिबद्धता की भी कैबिनेट ने खुलकर सराहना की है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) जैसी कर प्रणालियों को लागू करना, कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता लाना और देश की गुलामी की मानसिकता से जुड़े पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर नए कानून लाना उनके दीर्घकालिक दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

इसके साथ ही, अत्याधुनिक तकनीक के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव ने देश में डिजिटल क्रांति को जन्म दिया है। जन धन, आधार और मोबाइल (JAM Trinity) की त्रिमूर्ति ने सरकारी योजनाओं के पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किया है, जबकि यूपीआई (UPI) ने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली का पूरा नक्शा ही बदलकर रख दिया है। यह 25 साल का सफर भारत को एक सशक्त, आधुनिक और 'आत्मनिर्भर भारत' की मजबूत नींव देने वाला साबित हुआ है।