Delhi Pollution GRAP-3: 5वीं तक स्कूल हाइब्रिड, गाड़ियों पर रोक; दिवाली से पहले जहरीली हवा
दीपावली के पावन त्योहार से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) के करोड़ों निवासियों के लिए हवा का संकट एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं, मौसमी बदलाव, हवा की धीमी गति और स्थानीय प्रदूषण के कारण दिल्ली की आबोहवा 'बेहद खराब' से 'गंभीर' (Severe) श्रेणी की ओर बढ़ गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के औसतन 380 से 400 के करीब पहुंचने और कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर 450 का आंकड़ा पार करने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण यानी ग्रैप-3 (GRAP-III) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आपातकालीन स्तर की पाबंदियां सक्रिय हो गई हैं, जिसका सीधा असर स्कूली बच्चों की कक्षाओं, निजी वाहनों की आवाजाही और रियल एस्टेट व निर्माण कार्यों पर पड़ा है।
5वीं तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड क्लास: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
हवा में घुले सूक्ष्म और जहरीले प्रदूषक कणों (PM2.5 और PM10) के सबसे घातक असर से मासूम बच्चों के फेफड़ों को बचाने के लिए प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत) में कक्षा 5वीं तक के सभी प्राथमिक स्कूलों को अनिवार्य रूप से 'हाइब्रिड मोड' (Hybrid Mode) पर संचालित करने का आदेश जारी किया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि स्कूलों को भौतिक कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित करनी होंगी। माता-पिता और अभिभावकों को यह पूरी छूट दी गई है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कराने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा नर्सरी और केजी के छोटे बच्चों के लिए प्राथमिक रूप से घर पर ही रहने की सलाह दी गई है ताकि प्रदूषण के चरम स्तर के दौरान सुबह के समय बाहर निकलने से बचा जा सके।
इन गाड़ियों के चलने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध: ₹20,000 के चालान का प्रावधान
ग्रैप-3 के लागू होते ही सड़कों पर दौड़ने वाले प्रदूषणकारी वाहनों पर सबसे सख्त चाबुक चला है। परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर ₹20,000 के भारी जुर्माने के साथ विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है:
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बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल कारें: दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में बीएस-3 मानक वाली पेट्रोल और बीएस-4 मानक वाली डीजल की हल्की मोटर गाड़ियों (LMV/Cars) के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल आपातकालीन, पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही इससे छूट मिलेगी।
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दिल्ली के बाहर पंजीकृत कमर्शियल गाड़ियां: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड डीजल चालित मध्यम मालवाहक वाहनों (MGV) और हल्के मालवाहक वाहनों (LGV - बीएस-3 और नीचे) के राजधानी में प्रवेश पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। केवल आवश्यक वस्तुओं (फल, सब्जी, दूध, दवा) की आपूर्ति करने वाले वाहनों और सीएनजी व इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों को ही दिल्ली में आने की अनुमति होगी।
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दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल कमर्शियल वाहन: दिल्ली में पंजीकृत बीएस-4 और उससे नीचे के डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों के संचालन पर भी पाबंदी लागू रहेगी।
निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह ताला
धूल और पर्टिकुलेट मैटर को रोकने के लिए एनसीआर के सभी निर्माण और डिमोलिशन (तोड़फोड़) कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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मिट्टी की खुदाई, बोरिंग, ड्रिलिंग, पाइलिंग और ओपन ट्रेंच में पाइपलाइन बिछाने के कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
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कंक्रीट बैचिंग प्लांट (RMC Plants), ईंट-भट्ठे, मेजर वेल्डिंग, गैस कटिंग और स्टोन क्रशर मशीनों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है।
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सड़कों पर गिट्टी कुटाई, पेंटिंग, पॉलिशिंग और प्रमुख सड़क निर्माण पर भी रोक रहेगी।
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हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिफेंस, रेलवे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, अस्पताल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी आवश्यक सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को सख्त धूल नियंत्रण मानकों के पालन के साथ छूट दी गई है।
50% वर्क फ्रॉम होम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की तैयारी
सड़कों पर ट्रैफिक जाम और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए राज्य सरकारों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश) को यह अधिकार दिया गया है कि वे सरकारी, नगर निगम और निजी कॉर्पोरेट दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) पर भेजने का निर्णय ले सकती हैं। इसके साथ ही दैनिक यात्रियों को निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए अपने नेटवर्क में 20 से अधिक अतिरिक्त दैनिक फेरे (Trips) जोड़े हैं, जबकि डीटीसी और क्लस्टर बसों के फेरों में भी इजाफा किया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी: दिवाली से पहले बरतें ये जरूरी सावधानियां
सर्दियों की शुरुआत में जब हवा भारी होकर जमीन के करीब बैठ जाती है, तो प्रदूषक तत्व एक 'स्मॉग चैंबर' का निर्माण करते हैं। डॉक्टरों और पल्मोनोलॉजिस्ट्स ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों (दमा, ब्रोंकाइटिस) से पीड़ित लोगों को सुबह और देर शाम की मॉर्निंग वॉक से पूरी तरह बचने की सलाह दी है। यदि बाहर निकलना अपरिहार्य हो, तो सामान्य कपड़े के मास्क के बजाय प्रमाणित N95 मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। घरों में एयर प्यूरीफायर चलाएं और खिड़की-दरवाजों को सुबह के समय बंद रखें। दिवाली के त्योहार पर पटाखों पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने और स्थानीय स्तर पर कूड़ा या पत्तियां न जलाने की अपील की जा रही है, ताकि स्थिति आपातकालीन स्तर यानी ग्रैप-4 की ओर न पहुंचे।