Delhi Barapullah Phase 3 Elevated Corridor: दिल्ली वालों को आज मिलेगा 10 किमी लंबा सिग्नल-फ्री बारापुला फेज-3 कॉरिडोर, 25 मिनट बचेगा सफर और घटेगा प्रदूषण

Delhi Barapullah Phase 3 Elevated Corridor: दिल्ली वालों को आज मिलेगा 10 किमी लंबा सिग्नल-फ्री बारापुला फेज-3 कॉरिडोर, 25 मिनट बचेगा सफर और घटेगा प्रदूषण

देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम, चौराहों पर लंबा इंतजार और वाहनों से निकलने वाले धुएं से जूझ रहे लाखों मुसाफिरों के लिए आज का दिन बेहद खास है। दिल्ली के सबसे बहुप्रतीक्षित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर के तीसरे चरण (फेज-3) का उद्घाटन हो रहा है। करीब 10 किलोमीटर लंबा यह सिग्नल-फ्री एलिवेटेड स्ट्रेच पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार को दक्षिण दिल्ली के सराय काले खां, लाजपत नगर, आईएनए (INA) और एम्स (AIIMS) से सीधे जोड़ता है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईओवर और आश्रम चौक पर गाड़ियों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। रोजमर्रा के सफर में 20 से 25 मिनट का कीमती समय बचेगा और सिग्नल पर खड़े होकर ईंधन फूंकने की मजबूरी से भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मयूर विहार से एम्स और साउथ दिल्ली का सफर महज 15 से 20 मिनट में

पहले जहां मयूर विहार, नोएडा, गाजीपुर या ट्रांस-यमुना के इलाकों से दक्षिण दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल, सफदरजंग या लाजपत नगर जाने के लिए ड्राइवरों को आश्रम चौक, डीएनडी या आईटीओ के भारी जाम से जूझना पड़ता था, वहीं अब बारापुला फेज-3 एक एक्सप्रेस बाईपास की तरह काम करेगा। व्यस्त समय में जिस दूरी को तय करने में 45 से 60 मिनट का समय लग जाता था, अब वही दूरी बिना किसी रेड लाइट या ट्रैफिक रुकावट के मात्र 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी। खासकर मेडिकल इमरजेंसी और एम्स-सफदरजंग जाने वाले मरीजों व एम्बुलेंस के लिए यह कॉरिडोर किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा, क्योंकि सिग्नल-फ्री कॉरिडोर उन्हें बिना किसी अड़चन के सीधे अस्पताल परिसर के पास पहुंचा देगा।

यमुना नदी पर बना भव्य सिग्नल-फ्री एलिवेटेड स्ट्रक्चर और आधुनिक इंजीनियरिंग

बारापुला फेज-3 की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता यमुना नदी के ऊपर बना इसका विस्तृत एक्स्ट्राडोज्ड/एलिवेटेड केबल-स्टेड ब्रिज और हाई-ग्रेड कंक्रीट पिलर नेटवर्क है। इस 10 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को बिना किसी जमीनी चौराहे के डिजाइन किया गया है, ताकि वाहन 60 से 70 किमी प्रति घंटे की निरंतर गति से फर्राटा भर सकें। कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने के लिए मयूर विहार फेज-1, सराय काले खां और रिंग रोड पर आधुनिक लूप और रैंप बनाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय सुरक्षित ड्राइविंग के लिए पूरे मार्ग पर आधुनिक एलईडी लाइटिंग, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे, स्पीड रडार और आपातकालीन कॉलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं।

ट्रैफिक जाम में कमी से राजधानी में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन पर लगेगा ब्रेक

दिल्ली में सर्दियों और सामान्य दिनों में भी वाहनों से होने वाला प्रदूषण एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बना रहता है। आश्रम और रिंग रोड पर वाहनों के रेंगने और चौराहों पर घंटों आइडलिंग (इंजन चालू रखकर खड़े रहना) की वजह से भारी मात्रा में पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 व PM 10) और कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जित होता था। ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, बारापुला फेज-3 के शुरू होने से प्रतिदिन हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत होगी। सिग्नल-फ्री फ्लो के कारण गाड़ियों का कार्बन फुटप्रिंट काफी घटेगा, जिससे यमुना पार और दक्षिण दिल्ली के आसपास के रिहायशी इलाकों की एयर क्वालिटी (AQI) में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद आने-जाने वाले एनसीआर यात्रियों को भी सीधा फायदा

यह एलिवेटेड कॉरिडोर सिर्फ दिल्ली शहर के अंदरूनी ट्रैफिक को ही आसान नहीं बनाएगा, बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूती देगा। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा से आने वाले जो वाहन चालक दिल्ली एयरपोर्ट (IGI Airport) या गुरुग्राम की ओर जाना चाहते हैं, वे अब डीएनडी और आश्रम का जाम छोड़कर सीधे मयूर विहार से बारापुला कॉरिडोर का रुख कर सकते हैं। इसके बाद वे आईएनए से होते हुए एयरपोर्ट टनल या धौला कुआं की तरफ तेजी से निकल सकते हैं। इसी तरह हरियाणा के फरीदाबाद और बदरपुर की तरफ से आने वाले लोग भी सराय काले खां इंटरचेंज का इस्तेमाल करके बिना किसी जाम के पूर्वी दिल्ली की तरफ बढ़ सकेंगे।

सार्वजनिक परिवहन और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का मजबूत केंद्र बनेगा सराय काले खां

सराय काले खां पहले से ही दिल्ली का एक विशाल मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब है, जहां हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT), दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन और निर्माणाधीन दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (Namo Bharat) का प्रमुख स्टेशन मौजूद है। बारापुला फेज-3 सीधे सराय काले खां के ऊपर से गुजरता है, जिससे यहां उतरने वाले रेल और बस यात्रियों को दक्षिण दिल्ली या पूर्वी दिल्ली जाने के लिए तुरंत एलिवेटेड कनेक्टिविटी मिल जाएगी। भविष्य में जब बारापुला को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना बाईपास से पूरी तरह इंटीग्रेट किया जाएगा, तो यह समूचे उत्तर भारत के लिए एक निर्बाध ट्रांजिट रूट बनकर उभरेगा।